US-Cuba: कैरेबियन सागर में अमेरिकी परमाणु युद्धपोत तैनात, क्यूबा के समर्थन में आगे आए चीन-रूस

US-Cuba: कैरेबियन सागर में अमेरिकी परमाणु युद्धपोत तैनात, क्यूबा के समर्थन में आगे आए चीन-रूस

US Military Action Against Cuba: दुनिया किसी भी वक्त एक बड़े युद्ध की आग में झुलस सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा पर सैन्य हमले (Military Action) की खुली धमकी दी है। क्यूबा की चीन और रूस से बढ़ती नजदीकियों को अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मान रहा है। इस तनाव के चलते अमेरिका ने कैरेबियन सागर में परमाणु ऊर्जा संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस निमित्ज’ (USS Nimitz) तैनात कर दिया गया है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने पलटवार करते हुए कहा, ‘अमेरिकी विदेश मंत्री एक बार फिर झूठ बोल रहे हैं, जिससे क्यूबा और अमेरिका का खून बहेगा।’ वहीं, जिसके बाद चीन भी क्यूबा के समर्थन में खुलकर मैदान में उतर आया है।

क्या वेनेजुएला जैसा होगा क्यूबा का हाल?

ट्रंप प्रशासन क्यूबा में सत्ता परिवर्तन करना चाहता है। इसके लिए क्यूबा की आर्थिक नाकेबंदी पहले ही की जा चुकी है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह होने की कगार पर है। इस बीच, अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और कैरेबियन क्षेत्र में अपनी सेनाएं जुटाना शुरू कर दिया है। इसे देखकर लग रहे हैं कि अमेरिका ठीक वही गेम प्लान अपना रहा है, जो उसने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए जनवरी में अपनाया था।

अमेरिका के कड़े तेवर बातचीत की उम्मीद बहुत कम

मार्को रुबियो ने साफ किया कि यह मामला किसी देश के निर्माण का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी का है। रुबियो ने कहा कि ‘उनकी आर्थिक व्यवस्था काम नहीं करती। यह टूट चुकी है, और आप इसे मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से ठीक नहीं कर सकते।’ उन्होंने कहा ‘इन सालों में, क्यूबा को समय खरीदने और हमारा इंतजार करने की आदत पड़ गई है। लेकिन अब वे न तो हमारा इंतजार कर पाएंगे और न ही समय खरीद पाएंगे।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका क्यूबा के राजनीतिक सिस्टम को बदलने के लिए ताकत का इस्तेमाल करेगा, तो रुबियो ने कहा कि हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं, लेकिन ‘राष्ट्रपति के पास राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कुछ भी करने का विकल्प हमेशा खुला रहता है।’

रूस ने क्यूबा के समर्थन में जताई एकजुटता

अमेरिका ने क्यूबा की सेना द्वारा संचालित कंपनी GAESA पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इसी कार्रवाई के तहत GAESA के एक बड़े अधिकारी की बहन एडीस लास्ट्रेस मोरेरा को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया, उनका ग्रीन कार्ड भी रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद रूस ने भी क्यूबा के समर्थन में खुलकर अमेरिका का विरोध किया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि ‘मॉस्को इस मुश्किल दौर में क्यूबा की जनता को सबसे सक्रिय समर्थन देता रहेगा।’ ‘रूस ने क्यूबा के साथ एकजुटता जताते हुए अमेरिका पर एक संप्रभु देश के आंतरिक मामलों में दखल, धमकी, ब्लैकमेल और प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया।’

चीन ने क्यूबा के समर्थन में खोला मोर्चा

इस पूरे विवाद में अब चीन की भी एंट्री हो गई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने गुरुवार को अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध करते हुए कहा कि ‘चीन क्यूबा की राष्ट्रीय संप्रभुता और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा करने में उसका समर्थन करता है, और बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता है।’

‘झूठ बोल रहा है अमेरिका, बहेगा खून’

अमेरिका की इस खतरनाक धमकी पर क्यूबा ने भी पलटवार किया है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने मार्को रुबियो को सीधे निशाने पर लिया। रोड्रिगेज ने कड़े शब्दों में कहा कि ‘अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक बार फिर झूठ बोला है, ताकि एक ऐसी सैन्य आक्रामकता को भड़काया जा सके जिससे क्यूबा और अमेरिका का खून बहेगा।’ वहीं क्यूबा के मौजूदा राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल ने पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर लगाए गए अमेरिकी आरोपों को एक राजनीतिक स्टंट बताया है। उन्होंने कहा कि यह सब क्यूबा पर सैन्य हमले की बेवकूफी को सही ठहराने के लिए किया जा रहा है।

जानिए कैसे शुरू हुआ विवाद

अमेरिका ने बुधवार को क्यूबा के 94 साल के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में एक नागरिक विमान को मार गिराने का आरोप लगाते हुए सीक्रेट इंडिक्टमेंट (आरोप पत्र) जारी किया था। इसके ठीक बाद अमेरिका ने कैरेबियन सागर में अपने खतरनाक परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमान वाहक पोत ‘यूएसएस निमित्ज़’ (USS Nimitz) को तैनात कर दिया। इतना ही नहीं, अमेरिका ने क्यूबा की सेना द्वारा संचालित कंपनी GAESA पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसी सिलसिले में इस कंपनी के एक बड़े अधिकारी की बहन एडीस लास्ट्रेस मोरेरा को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है और उनका ग्रीन कार्ड भी रद्द कर दिया गया है।

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