जमुई में पोखर किनारे धार्मिक निर्माण पर बवाल:दो समुदायों में तनाव; डीएम से रोक की मांग, बजरंगबली मूर्ति लगाने पर विवाद

जमुई के सदर प्रखंड स्थित सुखड़ी गांव में धोवियाही पोखर पर धार्मिक निर्माण को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। समुदाय ने जिलाधिकारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व गांव के सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। आवेदन के अनुसार, धोवियाही पोखर एक आम गैरमजरुआ जमीन है, जिसका उपयोग वर्षों से दोनों समुदाय सिंचाई और अन्य जरूरतों के लिए समान रूप से करते आ रहे हैं। बजरंगबली की मूर्ति स्थापित की गई थी
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 7 मार्च 2026 को पोखर के सामने सड़क किनारे एक ध्वज गाड़ा गया था, जिसे यज्ञ के नाम पर अस्थायी बताया गया था। ग्रामीणों को पूर्व की घटनाओं के कारण आशंका थी। इससे पहले छठ पर्व के दौरान भी मकतब के सामने बजरंगबली की मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसे प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हटाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि यज्ञ समाप्त होने के बाद ध्वज हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पोखर के समीप फिर से बजरंगबली की मूर्ति स्थापित कर दी गई है। अब वहां पक्का मंदिर निर्माण की योजना बनाई जा रही है। सांप्रदायिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता
आवेदन में कहा गया है कि यदि पोखर पर किसी प्रकार का धार्मिक निर्माण होता है, तो इससे न केवल पोखर का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, बल्कि गांव का सांप्रदायिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उक्त स्थल पर किसी भी प्रकार के धार्मिक निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए और स्थापित मूर्ति को हटाने का आदेश दिया जाए, ताकि गांव में शांति और भाईचारा बना रहे। जमुई के सदर प्रखंड स्थित सुखड़ी गांव में धोवियाही पोखर पर धार्मिक निर्माण को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। समुदाय ने जिलाधिकारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व गांव के सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। आवेदन के अनुसार, धोवियाही पोखर एक आम गैरमजरुआ जमीन है, जिसका उपयोग वर्षों से दोनों समुदाय सिंचाई और अन्य जरूरतों के लिए समान रूप से करते आ रहे हैं। बजरंगबली की मूर्ति स्थापित की गई थी
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 7 मार्च 2026 को पोखर के सामने सड़क किनारे एक ध्वज गाड़ा गया था, जिसे यज्ञ के नाम पर अस्थायी बताया गया था। ग्रामीणों को पूर्व की घटनाओं के कारण आशंका थी। इससे पहले छठ पर्व के दौरान भी मकतब के सामने बजरंगबली की मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसे प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हटाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि यज्ञ समाप्त होने के बाद ध्वज हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पोखर के समीप फिर से बजरंगबली की मूर्ति स्थापित कर दी गई है। अब वहां पक्का मंदिर निर्माण की योजना बनाई जा रही है। सांप्रदायिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता
आवेदन में कहा गया है कि यदि पोखर पर किसी प्रकार का धार्मिक निर्माण होता है, तो इससे न केवल पोखर का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, बल्कि गांव का सांप्रदायिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उक्त स्थल पर किसी भी प्रकार के धार्मिक निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए और स्थापित मूर्ति को हटाने का आदेश दिया जाए, ताकि गांव में शांति और भाईचारा बना रहे।  

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