करनाल के असंध थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया और एसएचओ पर गलत भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए थाना गेट पर उनका पुतला फूंक दिया। पुलिस द्वारा समझाने की कोशिश के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। 18 मई को घर से निकली, वापस नहीं लौटी
परिजनों के अनुसार नाबालिग 18 मई की सुबह करीब 8 बजे घर से करनाल लेडीज इंडस्ट्रियल होम सेवा समिति के लिए निकली थी। वह रोजाना शाम करीब 4 बजे घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन वापस नहीं आई। परिवार ने तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। शिकायतकर्ता पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके दो बेटे और एक बेटी है। पूछताछ में सामने आया कि लड़की किसी युवक से बात करती थी। शक है कि वही युवक उसे अपने साथ ले गया है। दोनों के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। परिजनों ने रिश्तेदारों के यहां भी पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने दर्ज किया मामला
परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने 18 मई की सुबह ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद भी लड़की का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। थाने में हंगामा, पुतला जलाया
गुस्साए परिजन और ग्रामीण असंध थाना पहुंचे और वहां हंगामा किया। आरोप है कि इस दौरान एसएचओ ने परिजनों और ग्रामीणों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। थाना प्रबंधक ने सभी को अपने केबिन में बुलाकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने थाना गेट पर एसएचओ का पुतला फूंककर विरोध जताया। लोगों ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द लड़की को बरामद करने की मांग की है।


