UP में मतदाता सूची का ड्राफ्ट 12 नवंबर को आएगा सामने, अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी को: Election Commission

UP में मतदाता सूची का ड्राफ्ट 12 नवंबर को आएगा सामने, अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी को: Election Commission

मेरठ (उप्र), दो नवंबर भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत मतदाता सूची में त्रुटियां कम करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गर्ग ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने मेरठ के ऊर्जा भवन में पत्रकारों को बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप 12 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी को जारी होगी।

गर्ग ने एक बैठक में अधिकारियों को मतदाता सूची में सुधार करने, मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा और निर्वाचन आयोग तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडलों के अंतर्गत आने वाले 18 जिलों की चुनाव संबंधी तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में मतदाता सूची को अद्यतन करने, मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और मतदाता सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों के प्रबंधन, निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान, सुरक्षा बलों की तैनाती और वेबकास्टिंग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। गर्ग ने अधिकारियों को चुनाव संबंधी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी करने और मतदाता सूची में दर्ज ऐसे लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए जो अनुपस्थित हैं, दूसरी जगह चले गए हैं, जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को सीमावर्ती जिलों के साथ समन्वय बैठकें करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने अवैध शराब की आवाजाही और वितरण पर नजर रखने तथा ईवीएम के बारे में जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि सोमवार की बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब आधे जिलों की तैयारियों की समीक्षा की गई और शेष जिलों की समीक्षा भी आने वाले दिनों में की जाएगी। जिला स्तर पर भी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

गर्ग ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और त्रुटियां कम से कम रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के तहत मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जिसके बाद जमीनी सर्वेक्षण कराया गया और जिलाधिकारियों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर प्रस्ताव तैयार किए। ये प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के माध्यम से निर्वाचन आयोग को भेजे गए हैं।

उन्होंने बताया कि 12 नवंबर को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसकी प्रतियां बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रारूप मतदाता सूची निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी और मतदान केंद्रों पर भी रखी जाएगी, ताकि लोग उसे देख सकें।

गर्ग ने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए लोगों को करीब एक महीने का समय मिलेगा। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या उसमें संशोधन कराने के लिए क्रमशः फॉर्म छह, सात और आठ जमा किए जा सकेंगे। इसके बाद चार जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

यह विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी इसकी प्रतियां दी जाएंगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए 11वीं और 12वीं कक्षाओं तथा डिग्री कॉलेज में विशेष अभियान चलाने के प्राधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फॉर्म छह के जिन आवेदनों को खारिज किया गया है, उनकी दोबारा जांच की जाए और पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।

रिणवा ने पंचायत और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का मिलान करके छूटे हुए मतदाताओं के नाम भी सूची में शामिल करने का प्रयास करने को कहा।

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