लखनऊ, एक अक्टूबर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित विभिन्न एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों, औद्योगिक केंद्रों तथा अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई परियोजना समीक्षा समूह की बैठक में इन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं में निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखा जाए।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, बैठक में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की निविदाओं को अंतिम रूप देने के लिए 15 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा तय की गई। बयान के अनुसार, इसी तरह चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की निविदाओं को 30 अक्टूबर 2026 तक अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की निविदाओं को अंतिम रूप देने के लिए 30 नवंबर 2026 की समय-सीमा तय की गई।
गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करें। बैठक में ‘यूपी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स’ (यूपीआईएमएलसी) तथा उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (यूपीआईडीसी की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने दोनों परियोजनाओं के लिए शेष भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि परियोजनाओं के अगले चरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते रहने और सामने आने वाली अड़चनों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

