​कानपुर की आंगनबाड़ी और पंचायत की बेटियां सम्मानित:उत्कृष्ट कार्य पर मिला प्रशस्ति पत्र, प्रधानमंत्री का भाषण सुन दोहराया सशक्तिकरण का संकल्प

​कानपुर की आंगनबाड़ी और पंचायत की बेटियां सम्मानित:उत्कृष्ट कार्य पर मिला प्रशस्ति पत्र, प्रधानमंत्री का भाषण सुन दोहराया सशक्तिकरण का संकल्प

‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ की गूंज सोमवार को कानपुर के सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में भी सुनाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का प्रसारण देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं। इस दौरान महिलाओं ने न सिर्फ प्रधानमंत्री की बातें सुनीं, बल्कि एक खास नंबर पर मिस कॉल देकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना जबरदस्त समर्थन भी दिखाया। इस मौके पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनकी हौसलाअफजाई की गई। 33% आरक्षण से बदलेगी राजनीति की तस्वीर कार्यक्रम के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र नारी शक्ति वंदन अधिनियम रहा। वक्ताओं ने कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की करीब 33 प्रतिशत भागीदारी पक्की होने जा रही है। इससे देश की कानून बनाने वाली संस्थाओं और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका बढ़ेगी। आज की नारी रक्षा और अंतरिक्ष से लेकर विज्ञान और व्यापार तक, हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। इन क्षेत्रों की मेधावियों का हुआ सम्मान कार्यक्रम में उन महिलाओं को मंच दिया गया जिन्होंने जमीन पर काम करके बदलाव लाया है। इनमें ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायती राज विभाग से जुड़ी कई महिलाएं शामिल रहीं। उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्री वंदना सरिता, मालती देवी, गरिमा यादव, रेनू कुमारी और संगीता श्रीवास्तव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशासन का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का संतुलित विकास मुमकिन नहीं है। पंचायतों से लेकर शहर तक दिखी एकजुटता
कार्यक्रम में शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों की महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। तिलसड़ा, पतारा, रमेल नगर और कल्याणपुर जैसे क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों से सुलेखन कुशवाहा, दीक्षा पटेल और पूनम निषाद जैसी जागरूक महिलाएं पहुंचीं। इसके अलावा एनआरएलएम की रानी कमल और पूजा वर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिकारियों ने कहा कि जनपद में महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। टोल-फ्री नंबर पर जुटाया समर्थन सभागार में मौजूद महिलाओं ने टोल-फ्री नंबर 9667173333 पर मिस कॉल देकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की। महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वावलंबी बनेंगी, बल्कि नेतृत्व के माध्यम से समाज में अपनी एक नई पहचान भी स्थापित करेंगी।

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