पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम (Ceasefire) की वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सनसनीखेज दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने दावा किया कि सीजफायर की विफलता के बाद ईरान ने वाशिंगटन से संपर्क किया है। डोनाल्ड ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
ईरान समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक
ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर (Iran-America Ceasefire) को लेकर पाकिस्तान में हुई वार्ता की विफलता के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। अल जजीरा की खबर के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान में हुई वार्ता की विफलता के बाद ईरान ने वाशिंगटन से संपर्क किया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है।
ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव पर बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हम कई बातों पर सहमत हुए, लेकिन ईरान की परमाणु क्षमताओं के संबंध में कोई समझौता नहीं हुआ है।
पाकिस्तान में हुई वार्ता फेल होने पर ईरान ने क्या कहा?
पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम, होर्मुज स्ट्रेट और अन्य अहम मुद्दों पर करीब 21 घंटे तक चली लंबी वार्ता बेनतीजा रही। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत विफल होने के बाद ईरान ने साफ कर दिया कि वह अमेरिका के साथ आगे की चर्चा में कोई जल्दबाजी नहीं करेगा। ईरानी ने कहा कि जब तक अमेरिका किसी वाजिब और उचित समझौते पर सहमत नहीं होता है, तब होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपनी रणनीतिक सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों से किसी भी प्रकार से समझौता नहीं करेगा। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दों पर अभी भी गहरे मतभेद बने हुए हैं।
सीजफायर पर वार्ता बेनतीजा होने के बाद तनाव बढ़ा
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की वार्ता विफल (Ceasefire Talks Failure) होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ गया है। अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होने की चिंता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई भी ईरानी अमेरिकी नौसेना के जहाजों के करीब आता है, तो उसे तुरंत जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना को अब किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की पूरी छूट दे दी गई है।


