ऑपरेशन सिंदूर के वीर शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा की प्रथम पुण्यतिथि पर रविवार को उनके पैतृक गांव मेहरादासी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद की आदमकद प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह के मुख्य अतिथि राज्य सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर थे। कार्यक्रम में डॉ. अरुण गर्ग (जिला कलेक्टर), राजेंद्र भांबू (विधायक, झुंझुनू), हर्षिनी कुलहरी (भाजपा जिला अध्यक्ष), संतोष अहलावत व नरेंद्र खीचड़ (पूर्व सांसद), दिनेश धाभाई (भाजपा नेता) अनिल पूनिया (जिला सैनिक कल्याण अधिकारी) अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शहीद का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता – प्रेम सिंह बाजोर समारोह को संबोधित करते हुए प्रेम सिंह बाजोर ने कहा कि आज देश की सीमाएं अगर सुरक्षित हैं, तो वह सुरेंद्र मोगा जैसे वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की बदौलत हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हमें मंदिर जाने से पहले शहीद स्मारकों पर नमन करना चाहिए, तभी हम उनकी शहादत का सम्मान कर पाएंगे। अन्य वक्ताओं ने भी शहीद के अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा को याद किया। शहीद सुरेंद्र मोगा की शहादत याद रहेगी राजेश मोगा ने कार्यक्रम के दौरान शहीद सुरेंद्र मोगा की जीवनी पर प्रकाश डाला और उनके जीवन के संघर्ष व गौरवपूर्ण सफर को साझा किया। सार्जेंट सुरेंद्र मोगा भारतीय वायुसेना में तैनात थे। 10 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वे देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। आज उनकी पहली पुण्यतिथि पर पूरा गांव और जिला उनकी वीरता को नमन कर रहा है। उन्होंने बताया कि शहीद सुरेंद्र मोगा अपने पीछे एक गौरवान्वित और बहादुर परिवार छोड़ गए हैं। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने शहीद के परिवार का सम्मान किया। इस मौके पर शहीद वीरांगना सीमा देवी माता नानू देवी, पुत्री वर्तिका और पुत्र दक्ष का सम्मान किया गया।
देशभक्ति के नारों से गूंजा मेहरादासी इस मौके पर पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम के अंत में भगवान सिंह पूनिया ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि शहीद सुरेंद्र मोगा की यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति और सेवा की प्रेरणा बनेगी। मेहरादासी गांव का प्रत्येक नागरिक आज अपने लाड़ले शहीद की वीरता पर गर्व महसूस कर रहा है।


