स्वास्थ्य सचिव के स्टाफ का सदस्य बनकर अस्पतालों से वसूली:शक से बचने के लिए मंत्रालय बुलाया;अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की धमकी देकर पैसे मांगे

स्वास्थ्य सचिव के स्टाफ का सदस्य बनकर अस्पतालों से वसूली:शक से बचने के लिए मंत्रालय बुलाया;अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की धमकी देकर पैसे मांगे

दुर्ग जिले में अस्पताल संचालकों को फर्जी तरीके से डराकर पैसों की डिमांड की गई है। मोहन नगर थाना क्षेत्र के आर्य नगर स्थित गंगोत्री अस्पताल के संचालक डॉ. ओम प्रकाश कराड़े ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डॉ. ओम प्रकाश कराड़े ने मोहन नगर थाने में दिए लिखित आवेदन में बताया कि 17 मार्च 2026 को उन्हें एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम अजय अग्रवाल बताया और खुद को रायपुर स्थित स्वास्थ्य-परिवार कल्याण विभाग के सचिव के पर्सनल स्टाफ में पदस्थ अधिकारी बताया। उसने अस्पताल में कथित अनियमितताओं का हवाला देकर मामले को खत्म कराने के नाम पर मानसिक दबाव बनाया और पैसों की मांग की। मंत्रालय बुलाया, गेट के बाहर करवाया इंतजार शिकायत में बताया गया है कि कॉल करने वाले ने उन्हें मंत्रालय बुलाया, जब डॉ. कराड़े मंत्रालय पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने के लिए पास नहीं दिया गया और गेट के बाहर ही इंतजार कराया गया। बाद में वही व्यक्ति नीचे आकर उनसे मिला और अस्पताल में कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए रकम देने के लिए दबाव बनाने लगा। उसने धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर अस्पताल के खिलाफ जांच कराई जाएगी और मामला उजागर कर दिया जाएगा। मंत्रालय में पता करने पर कोई नहीं मिला नाम डॉ. कराड़े को संदेह होने पर उन्होंने स्वास्थ्य सचिव कार्यालय में जानकारी ली। जांच में पता चला कि अजय अग्रवाल नाम का कोई भी व्यक्ति वहां कार्यरत नहीं है। इसके बाद उन्होंने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अन्य अस्पतालों को भी कर चुका है टारगेट भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपी अस्पताल संचालकों को निशाना बना रहा है। चरौदा स्थित एएम हॉस्पिटल के संचालक को भी इसी तरह मंत्रालय बुलाकर डराया गया और पैसों की मांग की गई। इस मामले में भिलाई-3 थाने में भी एफआईआर दर्ज की गई है। अब तक दुर्ग जिले में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं। सीएसपी ने बताया कि आरोपी की पहचान और लोकेशन पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।

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