TMC सिंबल विवाद-EC ने बागी गुट से और दस्तावेज मांगे:ममता भी अड़ीं, 6 अक्टूबर को दो सीटों पर उपचुनाव, उससे पहले फैसला देने की मांग

TMC सिंबल विवाद-EC ने बागी गुट से और दस्तावेज मांगे:ममता भी अड़ीं, 6 अक्टूबर को दो सीटों पर उपचुनाव, उससे पहले फैसला देने की मांग

पश्चिम बंगाल में TMC के चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद जारी है। शनिवार को ऋतब्रत बनर्जी गुट ने चुनाव आयोग के सामने मौखिक दलीलें दीं और सवालों के जवाब दिए। आयोग ने गुट से दिन खत्म होने से पहले अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने को कहा। चुनाव आयोग की यह सुनवाई इसलिए अहम है क्योंकि यह 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले हो रही है, और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। बागी गुट उससे पहले सिंबल पर फैसला चाहता है। उधर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के प्रतिनिधि भी शनिवार को चुनाव आयोग से मिल रहे हैं। उनके पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ’ब्रायन, कल्याण बनर्जी, सागरिका घोष, साकेत गोखले और वकील अभिनव सिंह शामिल हैं। बंगाल चुनाव में हार के बाद टूटी TMC, ऋतब्रत को नेता चुना 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी। ममता के पास अब 22 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं। दो तिहाई सदस्य होने पर मिलती है अलग दल की मान्यता बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) की जानकारी दी थी। —————————– ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- BJP ने चुनाव ‘हाईजैक’ किया: वोट लूटने के लिए SIR का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव ‘हाईजैक’ करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया। वोटर लिस्ट से लाखों नाम गैर-कानूनी तरीके से हटाकर ‘वोट लूटने’ के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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