समाहरणालय सुपौल में शुक्रवार को आयोजित जिला जनता दरबार में जिलाधिकारी सावन कुमार ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें और आवेदन डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान कुल 72 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। जनता दरबार में भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े मामलों की अधिकता रही। डीएम सावन कुमार ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने संबंधित विभागों को मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवेदकों को प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) विकास कुमार कर्ण सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार का लाभ उठाएं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि लोगों की शिकायतों के समाधान हेतु पारदर्शी और संवेदनशील व्यवस्था लगातार सुदृढ़ की जा रही है, ताकि आम जनता को त्वरित न्याय और राहत मिल सके। समाहरणालय सुपौल में शुक्रवार को आयोजित जिला जनता दरबार में जिलाधिकारी सावन कुमार ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें और आवेदन डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान कुल 72 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। जनता दरबार में भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े मामलों की अधिकता रही। डीएम सावन कुमार ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने संबंधित विभागों को मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवेदकों को प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) विकास कुमार कर्ण सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार का लाभ उठाएं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि लोगों की शिकायतों के समाधान हेतु पारदर्शी और संवेदनशील व्यवस्था लगातार सुदृढ़ की जा रही है, ताकि आम जनता को त्वरित न्याय और राहत मिल सके।


