मोतिहारी में तीसरे चंपारण ड्रामा फेस्टिवल का शुभारंभ:देशभर से आई 93 शॉर्ट फिल्मों में से 19 प्रदर्शित, स्थानीय कलाकारों ने लिया हिस्सा

मोतिहारी में तीसरे चंपारण ड्रामा फेस्टिवल का शुभारंभ:देशभर से आई 93 शॉर्ट फिल्मों में से 19 प्रदर्शित, स्थानीय कलाकारों ने लिया हिस्सा

मोतिहारी में रोशनाई फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीसरे “चंपारण ड्रामा एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल” का शुभारंभ हुआ। शहर के गांधी ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसने स्थानीय कला और सिनेमा को एक मंच प्रदान किया। उद्घाटन समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष पवन राज, वरिष्ठ पत्रकार सतीश कुमार मिश्र, डॉ. अतुल कुमार, धर्मेंद्र कुमार स्वर्णकार और फिल्मकार जिया हसन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने इस आयोजन को क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। 93 फिल्मों में से 10 मूवी हुई चयनित फेस्टिवल के पहले दिन देशभर से प्राप्त 93 लघु फिल्मों में से चयनित 10 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों में सामाजिक मुद्दों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन विषयों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया, जिसकी दर्शकों ने सराहना की। इसके अतिरिक्त, सिनेमा के इतिहास और इसकी सामाजिक भूमिका पर एक परिचर्चा भी आयोजित की गई। फिल्मकार जिया हसन और डॉ. कुमार विमलेंदु ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं को तकनीक और रचनात्मकता का समन्वय कर आगे बढ़ने की सलाह दी। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण हरिशंकर परसाई की रचना “वैष्णव की फिसलन” का मंचन था, जिसमें कलाकार आदिल रशीद ने अभिनय किया। अच्छी फिल्मों को किया जाएगा सम्मानित फेस्टिवल के दूसरे दिन एआई और मोबाइल फिल्म निर्माण पर एक कार्यशाला तथा भोजपुरी अभिनेता मनोज सिंह ‘टाइगर’ के नाटक “आखरी पाती” का मंचन निर्धारित है। अंत में उत्कृष्ट फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। मोतिहारी में रोशनाई फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीसरे “चंपारण ड्रामा एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल” का शुभारंभ हुआ। शहर के गांधी ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसने स्थानीय कला और सिनेमा को एक मंच प्रदान किया। उद्घाटन समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष पवन राज, वरिष्ठ पत्रकार सतीश कुमार मिश्र, डॉ. अतुल कुमार, धर्मेंद्र कुमार स्वर्णकार और फिल्मकार जिया हसन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने इस आयोजन को क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। 93 फिल्मों में से 10 मूवी हुई चयनित फेस्टिवल के पहले दिन देशभर से प्राप्त 93 लघु फिल्मों में से चयनित 10 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों में सामाजिक मुद्दों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन विषयों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया, जिसकी दर्शकों ने सराहना की। इसके अतिरिक्त, सिनेमा के इतिहास और इसकी सामाजिक भूमिका पर एक परिचर्चा भी आयोजित की गई। फिल्मकार जिया हसन और डॉ. कुमार विमलेंदु ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं को तकनीक और रचनात्मकता का समन्वय कर आगे बढ़ने की सलाह दी। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण हरिशंकर परसाई की रचना “वैष्णव की फिसलन” का मंचन था, जिसमें कलाकार आदिल रशीद ने अभिनय किया। अच्छी फिल्मों को किया जाएगा सम्मानित फेस्टिवल के दूसरे दिन एआई और मोबाइल फिल्म निर्माण पर एक कार्यशाला तथा भोजपुरी अभिनेता मनोज सिंह ‘टाइगर’ के नाटक “आखरी पाती” का मंचन निर्धारित है। अंत में उत्कृष्ट फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा।  

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