गोपालगंज में टेंपरेचर 42 डिग्री सेल्सियस के पार:गर्मी और उमस से लोग बेहाल, छाता-गमछा बना सहारा;कुछ दिनों तक राहत नहीं

गोपालगंज में टेंपरेचर 42 डिग्री सेल्सियस के पार:गर्मी और उमस से लोग बेहाल, छाता-गमछा बना सहारा;कुछ दिनों तक राहत नहीं

गोपालगंज में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हवा में बढ़ी उमस के कारण स्थानीय लोग परेशान हैं। जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। सुबह से ही तेज धूप अपना असर दिखाने लगती है, जिसके चलते दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। लोग चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। आवश्यक कार्य से बाहर निकलने वाले लोग गमछे से अपना चेहरा ढककर और छाते का सहारा लेकर चल रहे हैं। जिला मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। दोपहर में चलने वाली गर्म हवाएं (लू) तपिश को और बढ़ा रही हैं। रात के समय भी गर्मी से खास राहत नहीं मिल रही है, न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जिससे रातें भी उमस भरी और बेचैन करने वाली हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद या जिला प्रशासन की ओर से राहगीरों के लिए कहीं भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। बाजार में ठंडे पेय पदार्थों, सत्तू लस्सी और बेल के शरबत की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है, लोग लगातार पानी का सेवन कर रहे हैं। इस भीषण गर्मी को देखते हुए सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने अलर्ट जारी किया है। चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में लू (हीट स्ट्रोक) और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का खतरा सबसे अधिक रहता है। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बचाव के मुख्य उपाय
– बिना वजह दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचें।
– शरीर में पानी की कमी न होने दें; नींबू पानी, ओआरएस या पर्याप्त पानी पीते रहें।
– खाली पेट बाहर न निकलें और सूती व हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
– मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस से राहत मिलने की – कोई उम्मीद नहीं है। तापमान में अभी और आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। गोपालगंज में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हवा में बढ़ी उमस के कारण स्थानीय लोग परेशान हैं। जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। सुबह से ही तेज धूप अपना असर दिखाने लगती है, जिसके चलते दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। लोग चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। आवश्यक कार्य से बाहर निकलने वाले लोग गमछे से अपना चेहरा ढककर और छाते का सहारा लेकर चल रहे हैं। जिला मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। दोपहर में चलने वाली गर्म हवाएं (लू) तपिश को और बढ़ा रही हैं। रात के समय भी गर्मी से खास राहत नहीं मिल रही है, न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जिससे रातें भी उमस भरी और बेचैन करने वाली हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद या जिला प्रशासन की ओर से राहगीरों के लिए कहीं भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। बाजार में ठंडे पेय पदार्थों, सत्तू लस्सी और बेल के शरबत की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है, लोग लगातार पानी का सेवन कर रहे हैं। इस भीषण गर्मी को देखते हुए सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने अलर्ट जारी किया है। चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में लू (हीट स्ट्रोक) और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का खतरा सबसे अधिक रहता है। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बचाव के मुख्य उपाय
– बिना वजह दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचें।
– शरीर में पानी की कमी न होने दें; नींबू पानी, ओआरएस या पर्याप्त पानी पीते रहें।
– खाली पेट बाहर न निकलें और सूती व हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
– मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस से राहत मिलने की – कोई उम्मीद नहीं है। तापमान में अभी और आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।  

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