महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष के ब्लैकमेल की कहानी:महिला अधिकारी ने कहा- प्रेग्नेंट हूं, नहीं बता सकती 3 महीने कैसे बीते, हर जगह रैकी हुई

महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष के ब्लैकमेल की कहानी:महिला अधिकारी ने कहा- प्रेग्नेंट हूं, नहीं बता सकती 3 महीने कैसे बीते, हर जगह रैकी हुई

सोशल मीडिया क्रिएटर सपन जादौन ने मेरे फोटो सोशल मीडिया पर डालकर मुझे भ्रष्ट अधिकारी बता दिया। वह मेरे राज खोलने की धमकी देने लगा। बिना किसी गलती के पिछले तीन महीने मेरे जीवन के सबसे ज्यादा तनाव भरे दिन रहे। मैं मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत परेशान रही, जबकि मैं इस समय गर्भवती हूं। ऐसी हालत में यह सब हुआ। यह दर्द मुरैना की परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार ने बयां किया है। परिहार का आरोप है कि सोशल मीडिया क्रिएटर सपन जादौन ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया और उन्हें भ्रष्ट अधिकारी तक बता दिया। इस मामले में उन्होंने थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई है। सपन जादौन के खिलाफ परिवहन अधिकारी के अलावा सबलगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष ने भी केस दर्ज कराया है। जिले के दो अलग-अलग थानों में एक्सटॉर्शन, आईटी एक्ट, रैकी समेत अन्य धाराओं में सपन जादौन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया क्रिएटर के सभी सोशल मीडिया अकाउंट, इंस्टाग्राम और फोन कॉल की सीडीआर की जांच की जा रही है, साथ ही उसके सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक सोशल मीडिया क्रिएटर सपन जादौन निवासी कोलिया गांव (सबलगढ़), लता भदौरिया, शिवेंद्र जादौन और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। महिला आरोपी लता भदौरिया, कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक अनिल तोमर की पत्नी बताई जा रही हैं। क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी सपन जादौन को 25 फरवरी को जयपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं आरक्षक अनिल तोमर की पत्नी लता भदौरिया सहित अन्य तीन आरोपी अभी फरार हैं। कोतवाली और सबलगढ़ थाने में दर्ज 2 FIR के अंश… FIR-1: मुरैना की परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार ने कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया है। आरोप है कि सोशल मीडिया क्रिएटर सपन जादौन ने फोन कर एक्सटॉर्शन (उगाही) की मांग की और आरक्षक अनिल तोमर व उसकी पत्नी लता भदौरिया के मामले में बैठकर समझौता करने का दबाव बनाया। शिकायत में कहा गया है कि समय-समय पर रैकी कर मेरे आने-जाने के रास्तों पर नजर रखवाई जा रही है। सपन जादौन खुद फोन पर बार-बार मेरी लोकेशन बताकर इसकी जानकारी देता है। मैं इस समय गर्भावस्था के अंतिम चरण में हूं और कई जटिल परेशानियों से जूझ रही हूं। मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जा रहा है। यदि मुझे कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार लता भदौरिया और सपन जादौन होंगे। FIR-2: नगर पालिका अध्यक्ष व भाजपा नेता सोनाराम धाकड़ ने सबलगढ़ थाने में सपन जादौन, शिवेंद्र जादौन और तीन अन्य सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोप है कि सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ को भ्रष्टाचार में “ओपन” करने की धमकी दी। इसके अलावा मेरे बेटे निक्की के मोबाइल नंबर XXXXXXX442 पर उसके सहयोगी शिवेंद्र जादौन के व्हाट्सऐप से लिंक और बारकोड भेजकर 10 लाख रुपए की मांग की गई। नंबर की जांच के लिए बेटे ने 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए। बारकोड सही निकला। इसके बाद सपन जादौन ने 10 लाख रुपए देने का दबाव बनाया। पुलिस ने दोनों मामलों में BNS की धारा 351(3), 356(1), 308(1), 78(1)(i)(ii)(iii), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया है। ब्लैकमेल करने का तरीका एक जैसा सोशल मीडिया क्रिएटर सपन जादौन, लता भदौरिया, शिवेंद्र जादौन और उनके अन्य सहयोगी पहले अपना टारगेट चुनते थे। इसके बाद वे टारगेट व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाते थे। संबंधित नेता या अधिकारी के फोटो और वीडियो भी इकट्ठा किए जाते थे। फोटो-वीडियो और पहले से जुटाई गई आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर “भ्रष्टाचार का खुलासा होगा” जैसे पोस्ट सोशल मीडिया पर डालकर दबाव बनाया जाता था। इन पोस्ट को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया जाता था। इसके बाद पूरी प्लानिंग के तहत संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया जाता था। यदि टारगेट महिला होती थी तो लता भदौरिया बात करती थी और पुरुष होने पर अन्य सहयोगी संपर्क करते थे। इसके बाद लिंक या बारकोड भेजकर पैसे की मांग की जाती थी। रुपए नहीं देने पर सोशल मीडिया पर खुलासा करने की धमकी दी जाती थी। अब सुनिए परिवहन अधिकारी के दहशत भरे दिन परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार के अनुसार, “मैं इस समय प्रेग्नेंसी लीव पर हूं। ऐसे समय में भी पिछले तीन महीने मेरे जीवन के सबसे ज्यादा तनाव भरे दिन रहे। मैं मानसिक और शारीरिक रूप से काफी परेशान रही हूं।” उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया क्रिएटर सपन जादौन ने उनके फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें भ्रष्ट अधिकारी बताया और उनके ‘राज खोलने’ की धमकी दी। शुरुआत में उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऑफिस के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में कई तरह की पोस्ट चल रही हैं। जब उन्होंने कर्मचारियों से पूछा तो उन्हें वे पोस्ट दिखाई गईं, जिनमें उनका नाम लिखकर भ्रष्टाचार के राज खोलने की बातें अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल की जा रही थीं। यह देखकर वे हैरान रह गईं। कुछ समय तक तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है। इसके बाद उन्हें संदेश मिलने लगे कि इस मामले में वे सपन जादौन से बात करें, हालांकि उन्होंने कोई बातचीत नहीं की। परिहार के अनुसार, जब उन्होंने बात नहीं की तो सपन जादौन के लोग ऑफिस में आने लगे। वे कर्मचारियों से धमकी भरे लहजे में पूछते थे कि अर्चना परिहार सपन जादौन से बात क्यों नहीं कर रहीं। यहां तक कहा जाता था कि उनसे कह देना कि बात मान लो, नहीं तो भ्रष्टाचार का खुलासा कर देंगे। उस समय उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर किस भ्रष्टाचार की बात की जा रही है। बाद में वे लोग कभी-कभी ऑफिस भी आने लगे, हालांकि अपना परिचय नहीं देते थे। एक दिन उन्हें प्रस्ताव दिया गया कि आरक्षक अनिल तोमर और उसकी पत्नी लता भदौरिया के साथ बैठकर मामला सुलझा लिया जाए। इस पर उन्होंने कहा कि जब ऐसा कोई मामला है ही नहीं तो बैठक करके निपटारा किस बात का किया जाए। उन्होंने बताया कि एक ट्रैक्टर से जुड़े मामले में आरक्षक अनिल तोमर और उसकी पत्नी लता भदौरिया का विभागीय विवाद था। इस मामले में वे न्यायालय भी गए थे, जहां परिवहन विभाग को दो बार क्लीन चिट मिल चुकी है। जब अदालत से ही सब स्पष्ट हो चुका है तो निपटारे का सवाल ही नहीं उठता। यही बात उन्होंने बार-बार दोहराई। परिहार के अनुसार, जब वे प्रेग्नेंसी लीव पर चली गईं तो उनकी रैकी शुरू कर दी गई। वे लोग ऑफिस जाकर कर्मचारियों से कहते थे कि आज आपकी मैडम मेडिकल चेकअप के लिए गई थीं या आज वे किसी रिश्तेदार से मिलने गई थीं। कर्मचारियों से यह जानकारी मिलने के बाद वे घबरा गईं और उन्हें अपनी तथा परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के माध्यम से पैसों की मांग भी की जाने लगी। एक बार संदेश आया कि 4 लाख रुपए मैडम और 2 लाख रुपए बाबू दे दें, तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद इस तरह की मांग लगातार आने लगी। अंत में उन्होंने इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक मुरैना को दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। परिवहन अधिकारी ने कहा, “पिछले तीन महीनों में जो दहशत भरा समय मैंने झेला है, उसके बाद मुझे अब कुछ नहीं चाहिए। मेरी प्राथमिकता सिर्फ सुरक्षित डिलीवरी है। मैं और तनाव नहीं लेना चाहती। जहां तक पुलिस आरक्षक और उसकी पत्नी का सवाल है, अब मामला पुलिस के पास है।” अब नपा अध्यक्ष को ब्लैकमेल करने की कहानी सबलगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष और भाजपा नेता सोनाराम धाकड़ के अनुसार, सपन जादौन उनसे सीधे बातचीत नहीं करता था। 16 जनवरी को उन्हें पता चला कि उसने सोशल मीडिया पर उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ कुछ पोस्ट किए हैं, ताकि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा सके और समाज में उनकी छवि धूमिल हो सके। धाकड़ का कहना है कि सपन जादौन ने सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर उनका फोटो लगाकर धमकी भरे और अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त बताना शुरू कर दिया। इस तरह की सार्वजनिक बदनामी से वे और उनका परिवार मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर लगातार आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन उनके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया जा रहा था। कुछ दिनों बाद उसके दो अन्य साथी नवीन और शैलेंद्र सोशल मीडिया पर लाइव आकर उनकी बदनामी करने लगे। हालांकि उनके पास भी कोई ठोस प्रमाण नहीं था और सिर्फ बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी। धाकड़ के अनुसार, उनके बेटे विक्की धाकड़ ने सपन जादौन की सोशल मीडिया आईडी पर कमेंट कर ऐसी भ्रामक और झूठी बातें फैलाना बंद करने को कहा। इसके बाद उनके बेटे के व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेजी गई, जिसमें क्यूआर कोड था। बेटे से कहा गया कि उसमें 10 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए जाएं। उन्होंने बताया कि बेटे ने उन्हें बताए बिना ही 10 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी जब उनकी हरकतें नहीं रुकीं तो बेटे ने पूरी बात उन्हें बताई। इस घटना से उन्हें लगा कि उनके साथ-साथ उनका परिवार भी मानसिक तनाव से गुजर रहा है। इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाई। धाकड़ का कहना है कि सपन जादौन सबलगढ़ का ही निवासी है। वह सोशल मीडिया के जरिए उन्हें भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों में फंसाकर समाज में बदनाम करने और उनकी छवि खराब करने की धमकी दे रहा था। आरोपियों के बीच का कनेक्शन कोतवाली थाना प्रभारी टीआई अमित भदौरिया के अनुसार- सपन जादौन सबलगढ़ का रहने वाला है और जयपुर में मार्बल का काम करता है। फेसबुक और इंस्ट्राग्राम पर उसका अकाउंट है। सोशल मीडिया के जरिए ही उसकी पहचान सोशल मीडिया क्रिएटर नवीन जादौन और शैलेंद्र सिकरवार से हुई, जो कैलारस के रहने वाले हैं। रुपए कमाने के उद्देश्य से इन्होंने एक ग्रुप बनाया। शैलेंद्र, नवीन व सपन टारगेट करने वाले टास्क करने लगे। सपन संबंधित व्यक्ति का फोटो लगाकर सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालता था, जिससे संबंधित व्यक्ति को डराया जा सके। इसके बाद उसके साथी उससे रुपयों की डिमांड करते। परिवहन अधिकारी के साथ भी यही हुआ। उनके दफ्तर में लोगों को भेज कर पैसों की मांग की गई। मानसिक प्रताड़ित करने के लिए रैकी करवाई गई। महिला आरोपी लता भी इस ग्रुप का हिस्सा है, जो रैकी में शामिल रहती थी। ब्लैकमेल किया जा रहा था एसपी मुरैना समीर सौरभ के अनुसार- मुरैना परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार, सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ के द्वारा शिकायत मिली थी कि सोशल मीडिया के जरिए सपन जादौन और उसके सहयोगियों के द्वारा एक्सट्रॉशन मांगा जा रहा है। महिला अधिकारी की रैकी कराई जा रही है। यह गंभीर शिकायत के बाद अलग-अलग संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। लोकेशन के आधार पर आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। शेष सहयोगी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। उनके सभी सोशल मीडिया अकाउंट चेक कर रहे है, साथ ही मोबाइल की सीडीआर भी निकाली जा रही है। संबंधित खबर पढ़ें… कंटेंट क्रिएटर ने नपा अध्यक्ष से कहा-10 लाख चाहिए:महिला परिवहन अधिकारी को भी किया ब्लैकमेल मुरैना में एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर को पुलिस ने परिवहन अधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सपन जादौन को मंगलवार को जयपुर से गिरफ्तार किया। पूरी खबर पढ़ें…

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