पशुधन मंत्री के क्षेत्र में गौशाला में गौवंश की दुर्दशा:बरेली की सरकारी गौशाला में तड़पकर मर रही गायें, हिंदूवादी संगठनों का भारी हंगामा

पशुधन मंत्री के क्षेत्र में गौशाला में गौवंश की दुर्दशा:बरेली की सरकारी गौशाला में तड़पकर मर रही गायें, हिंदूवादी संगठनों का भारी हंगामा

उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के ही विधानसभा क्षेत्र में गौवंश की दुर्गति का एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है। बरेली के अलीगंज स्थित अनुरुद्धपुर गौशाला में चारे और उचित देखभाल के अभाव में गायें तड़प-तड़पकर दम तोड़ रही हैं। इस बदहाली की सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया, वहीं इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केबी त्रिपाठी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा को ‘गइया-मइया’ के नाम पर सिर्फ वोट चाहिए, जबकि हकीकत में मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व पर भी गौमाता की हत्या हो रही है। प्रशासन ने शुरुआती जांच में लापरवाही की पुष्टि की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। लाशों के ढेर पर गौशाला, हिंदू संगठनों का आक्रोश
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता जब अनुरुद्धपुर गौशाला पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गए। परिसर में कई गायें मृत पड़ी थीं, तो कई की हालत ऐसी थी कि वे भूख और बीमारी के कारण हिल भी नहीं पा रही थीं। कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और केयरटेकर की मिलीभगत से गौवंश को भूखा रखा जा रहा है। भीषण सर्दी के बावजूद वहां बचाव की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं दिखी, जिससे आक्रोशित होकर कार्यकर्ताओं ने शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गाइडलाइन की उड़ी धज्जियां, खुले में मिले अवशेष
गौशाला में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर मृत गायों के शवों को ठिकाने लगाया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान कई गायों के अवशेष खुले मैदान में पड़े मिले, जिन्हें नियमानुसार दफनाया तक नहीं गया था। खुले में पड़े इन अवशेषों को देखकर गौ-भक्तों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह न केवल पशु क्रूरता है बल्कि धार्मिक भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है। मौके पर मौजूद गौ रक्षकों ने इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की। एसडीएम की फटकार, प्रधान और सचिव पर गिरेगी गाज
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम विदुषी सिंह मौके पर पहुंचीं और जब उन्होंने खुद अपनी आंखों से गौशाला की बदहाली देखी, तो उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने मौके पर ही माना कि ग्राम प्रधान और सचिव ने गौवंश की देखरेख में भारी लापरवाही बरती है। एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि इस मामले में ऐसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी जो पूरे जिले के लिए एक नजीर बनेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी बजट का बंदरबांट, जांच के घेरे में जिम्मेदार
एक तरफ सरकारी फाइलों में गौवंश को हरा चारा और चोकर खिलाने के लिए भारी-भरकम बजट जारी किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर गायें भूख से दम तोड़ रही हैं। एसडीएम ने मृत पशुओं के शव निस्तारण की सही व्यवस्था न होने पर भी गहरी नाराजगी जताई। फिलहाल केयरटेकर, ग्राम प्रधान और संबंधित सचिव के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही की धाराओं में कार्रवाई तय है। गइया-मइया के नाम पर सिर्फ वोट चाहिए: कांग्रेस
गौशाला में गायों की दुर्दशा पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केबी त्रिपाठी ने योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मकर संक्रांति के दिन हम सनातन को मानने वाले लोगों के लिए आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है मकर संक्रांति का। आज हम मकर संक्रांति का पावन पर्व हम मना रहे हैं खिचड़ी मना रहे हैं, लेकिन शर्म आती है कि एक सरकार जो सनातन का नाम लेती है जो राम का नाम लेती है जो गाय का नाम लेती है और सिर्फ नाम लेती है और उसका दुरुपयोग करती है। हर गौशाला की स्थिति इतनी खराब कर दी है गायें तड़प-तड़प के मर रही हैं जान दे रही हैं। लेकिन इस शासन-प्रशासन के कान पे जूं नहीं रेंगता है। इन्हें तो गइया-मइया के नाम पर सिर्फ वोट चाहिए है। गोरक्षक दल इतने बन गए हैं। आज तो यह बड़ी शर्मनाक खबर है कि गोरक्षक दल के लोग ही जाकर इन्हीं के लोग वहाँ देखते हैं तो कई गायें मरी पड़ी हुई हैं। ये निस्संदेह इस शासन और प्रशासन की सबसे बड़ी नाकामी है। अगर जो आज मकर संक्रांति के दिन हमारी गौमाता की इस तरह से हत्या हो रही है तो हमें शर्म से डूब मरने की बात है। मैं पुरजोर आवाज उठाता हूँ इसके खिलाफ और जिलाधिकारी से कहता हूँ कि तत्काल एक कमेटी बनाकर उसकी जांच कराएं और जो दोषी हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दें। सिर्फ गइया-मइया के नाम पर वोट लेना बंद करें ये सरकार जो गायों के हत्यारे हैं जो हमारी गौ माता की हत्या कर रहे हैं उनको जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए।

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