Delhi Police: देश की राजधानी दिल्ली में कानून व्यवस्था को लेकर पहले से ही चर्चा हो रही थी, लेकिन इस घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। जब सुरक्षा देने वाले ही अपराध में शामिल हो जाएं, तो लोगों का भरोसा हिलना स्वाभाविक है। हाल ही में, दिल्ली पुलिस ने अपने ही एक कांस्टेबल को 50 लाख रुपये की लूट के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिससे पूरे विभाग में हलचल मच गई है।
लूट की वारदात और शुरुआती जांच
31 मार्च को नॉर्थ दिल्ली के आजाद मार्केट अंडरपास के पास एक बड़ी लूट हुई। चार लोगों ने एक ऑटो को रोककर उसमें बैठे शख्स से करीब 50 लाख रुपये कैश छीन लिए और मौके से भाग गए। तरीका इतना फिल्मी था कि शुरुआत में लगा कोई बड़ा गैंग शामिल है। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया, जांच शुरू की और कुछ लोगों को पकड़ा भी, लेकिन असली कहानी बाद में सामने आई।
जांच में क्या सच सामने आया?
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी तरीके अपनाए। तभी पता चला कि इस लूट में पुलिस का ही एक जवान शामिल है। आरोपी का नाम समय सिंह है, जो दिल्ली पुलिस की 5वीं बटालियन में तैनात था। जांच में सामने आया कि उसने ही पूरी प्लानिंग की थी और अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात करवाई। ये बात सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया।
कहां से पकड़ा गया आरोपी?
लूट के बाद समय सिंह फरार हो गया था। पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार उसे दौसा (राजस्थान) से पकड़ लिया गया। पुलिस ने तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की थी। पूछताछ में ये भी शक है कि वो पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा हो सकता है।
अभी पूछताछ जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि पूरा पैसा बरामद किया जा सके और बाकी लोगों का भी पता चल सके। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अंदरूनी जांच भी शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि सिस्टम में और सख्ती और निगरानी की जरूरत है।


