इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को 21 जनवरी को इस स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है कि अंतर्जनपदीय तबादले में याची की ग़लती नही तो उसे किस तरह से समायोजित किया जाय। सचिव ने यह कहते हुए याची प्रधानाध्यापक प्राइमरी स्कूल नगला मुकुट फर्रुखाबाद की अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी अस्वीकार कर दी थी कि तकनीकी खामी के चलते उसकी अर्जी पर विचार नहीं किया जा सका था, और आफ लाइन विचार किए जाने का कानूनी उपबंध नहीं है। जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने असद उल्लाह खान की याचिका पर दिया है। याची के बी एस ए फर्रुखाबाद को अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी दी। जिस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका तो उसने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को अर्जी दी।जिसे अस्वीकार कर दिया गया। कहा गया कि याची ने बी एस ए को दी गई अर्जी पर निर्णय का इंतजार करने के बजाय सचिव के पास चला गया। इसमें बी एस ए की कोई ग़लती नही है। दोनों अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी को कोर्ट ने उचित नहीं माना और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को हाजिर होने का आदेश दिया है।


