गरीबी झुकी, हौसले जीते: नाश्ते का ठेला लगाने वाले पिता के घर से निकला गांव का पहला एमबीबीएस डॉक्टर

गरीबी झुकी, हौसले जीते: नाश्ते का ठेला लगाने वाले पिता के घर से निकला गांव का पहला एमबीबीएस डॉक्टर

सपनों को हौसले के साथ आगे बढ़ाया
साधारण परिवार से आने वाले दिनेश पटेल वर्ष 2020 बैच के छात्र रहे हैं। उनके पिता भंवरलाल पटेल मात्र आठवीं तक पढ़े हैं और बालोतरा में नाश्ते का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वहीं उनकी माता लीला देवी निरक्षर गृहिणी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को कभी नहीं छोड़ा और बेटे के सपनों को हौसले के साथ आगे बढ़ाया।

रिटायर्ड बैंक अधिकारी का मिला मार्गदर्शन
डॉ. दिनेश की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वे गोलिया चौधरियान गांव के पहले एमबीबीएस डॉक्टर बने हैं। उनकी उपलब्धि अब गांव और समाज के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बन गई है। परिवार के बड़े सदस्य एवं रिटायर्ड बैंक अधिकारी जेठाराम पटेल का भी उन्हें निरंतर मार्गदर्शन मिलता रहा। दिनेश के छोटे भाई प्रकाश पटेल और बहन रिंकू पटेल भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परिवार का मानना है कि शिक्षा ही जीवन बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है।

नई सोच पैदा करेंगी ऐसी उपलब्धियां
हुब्बल्ली में व्यवसाय कर रहे गोलियां चौधरियान गांव के किशोर पटेल ने कहा कि यह सफलता केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का बेटा आज डॉक्टर बना है, यह मेहनत और लगन का परिणाम है। आंजणा पटेल समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ाने की दिशा में ऐसी उपलब्धियां नई सोच पैदा करेंगी।

बढ़ाया उत्साह
शुक्रवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में हुब्बल्ली में निवास कर रहे आंजणा पटेल समाज तथा प्रवासी समाज के लोगों ने भी पहुंचकर दिनेश का उत्साह बढ़ाया। स्थानीय व्यापारी किशोर पटेल, जगदीश चौधरी, कोजराज चौधरी और प्रकाश काग सहित अन्य प्रवासी समाज के लोगों ने छात्र का सम्मान कर शुभकामनाएं दीं।

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