DGM-मैनेजर कहते-टेबल साफ करो, इसलिए मार दिया:BPCL प्लांट के 2 अफसरों के मर्डर का आरोपी बोला- मेरी इमेज खराब कर रहे थे

DGM-मैनेजर कहते-टेबल साफ करो, इसलिए मार दिया:BPCL प्लांट के 2 अफसरों के मर्डर का आरोपी बोला- मेरी इमेज खराब कर रहे थे

‘मेरे मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई गई। कभी मुझसे कहते कि मेज पर कपड़ा मारो, तो कभी 4 लोगों के सामने कहते कि पानी ले आओ। ऐसा उन 4 लोगों के सामने होता था, जो मुझे जानते-पहचानते थे। जानबूझकर दो अफसर मेरे साथ ऐसा कर रहे थे, ताकि मेरी इमेज लोगों की नजर में खत्म हो जाए। इसीलिए दोनों को ठिकाने लगा दिया।’ यह कबूलनामा बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अफसरों की हत्या करने वाले आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू का है। उसे पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। हत्या के पीछे की पूरी कहानी बताई। यह भी बताया कि- दोनों ने उसे नौकरी से निकलवा दिया था। तब से अंदर बदले की आग भड़क रही थी। पढ़िए आरोपी ने पुलिस को क्या-क्या बताया… पहले पूरी घटना को समझ लीजिए- अब पढ़िए आरोपी ने पुलिस पूछताछ में क्या बताया… साजिश रचकर नौकरी से निकलवा दिया
पुलिस ने रामू से दोहरे हत्याकांड की वजह पूछी तो उसने बताया- मेरी इन दोनों अधिकारियों से जर, जोरू या जमीन से जुड़ी कोई लड़ाई नहीं थी। इन दोनों ने मेरे मान, सम्मान, स्वाभिमान को बार-बार चोट पहुंचाई। मुझे परेशान करने के बहाने तलाशते थे। जब तक मैं नौकरी पर रहा, इनका रवैया ऐसा ही रहा। बाद में इन दोनों ने साजिश रचकर मुझे नौकरी से निकलवा दिया। इलाके में मेरी धाक थी, जिसे खत्म कर दिया। इसी खुन्नस में मैंने दोनों को मार डाला। हर्षित की पीठ पर तमंचा सटाकर ट्रिगर दबाया
आरोपी ने पूछताछ में यह भी कबूला कि प्रशासनिक भवन में मीटिंग के दौरान वह जब घुसा तो वहां 5 लोग बैठे थे। मैंने सभी को इसी बात में उलझाए रखा कि मुझे नौकरी पर वापस रख लो। इसी बीच असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के पीछे पहुंचा और पीठ पर तमंचा सटाकर ट्रिगर दबा दिया। आगे पड़ी मेज पर खून का फव्वारा छूटा, जिसे देख सभी भाग खड़े हुए। जबकि सुधीर गुप्ता को दौड़ाया और दो गोलियां मारीं। इस बीच एक राउंड निशाना चूक भी गया। 4 मिनट में वारदात, फिर गाड़ी लूटी
पुलिस ने गेट के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो पता लगा कि 1.55 बजे गाड़ी भीतर दाखिल हुई, जबकि ठीक 4 मिनट बाद 1.59 बजे गाड़ी से आरोपी बाहर भाग निकला। गाड़ी लूटने की धारा भी मुकदमे में शामिल की गई है। जिस भवन में यह घटनाक्रम हुआ है। उसे पुलिस ने सील कर दिया है। प्लांट के आसपास सुरक्षा में पीएसी तैनात कर दी गई है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश प्लांट में पूरी तरह बंद हो चुका है। रीजनल मैनेजर ने स्टाफ को सुरक्षा का भरोसा दिलाया
प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद यहां के जिम्मेदारों ने मुंबई में मेल करके साफ कर दिया कि दहशत के माहौल में प्लांट का संचालन नहीं हो सकता। ऐसे में फिलहाल इसे शटडाउन दिया जाना चाहिए। यही वजह रही कि रीजनल मैनेजर यहां पहुंचे और डीएम समेत एसएसपी से सुरक्षा व्यवस्था चौकस कराने की मांग उठाई। इसके बाद वहां पीएसी तैनात की गई। साथ ही रीजनल मैनेजर ने स्टाफ को पूरी सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। केस प्रापर्टी बनी प्लांट की बोलेरो
जिस बोलेरो से आरोपी प्लांट में दाखिल हुआ, उसे ही लेकर वहां से भाग निकला। पुलिस ने उसे लूट माना है। गाड़ी को केस प्रापर्टी बनाकर सुरक्षित किया गया है। मुंबई से मिली शूटआउट की सूचना प्लांट के अफसरों के अनुसार, दोहरे हत्याकांड के बाद स्टाफ ने थाना मूसाझाग प्रभारी को कॉल की गई, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। सीओ उझानी ने भी कॉल रिसीव नहीं की। नतीजतन मुंबई हेड क्वार्टर कॉल करके जानकारी दी गई। जबकि इसके बाद वहां से एसएसपी के मोबाइल पर कॉल आई और शूटआउट की सूचना दी गई। उस वक्त एसएसपी दरोगा भर्ती परीक्षा केंद्रों का मुआयना डीएम के साथ कर रहे थे। एसएसपी के निर्देश पर सीओ उझानी और एसडीएम दातागंज वहां पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से भाग चुका था। —————– यह खबर भी पढ़िए… टुंडे कबाब और कश्मीरी चाय बन पाना मुश्किल:लखनऊ में गैस किल्लत का 5 हजार दुकानों पर असर, चटोरी गली में 60% दुकानें बंद लखनऊ में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत काफी बढ़ गई है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। तमाम होटल, रेस्टोरेंट और छोटे दुकानदारों के पास कुछ ही दिन के लिए गैस बची है। कई दुकानदारों ने तो कोयले की भट्ठी और लकड़ी के चूल्हे बना लिए हैं। पूरी खबर पढ़ें

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