महान समाज सुधारक और नारी शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर आज झुंझुनूं शहर में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। समाज कल्याण विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिसने पूरे शहर को ‘फुले के संदेशों’ से सराबोर कर दिया। रैली का शुभारंभ शहर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में मंदिर परिसर में एक सभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित वक्ताओं ने महात्मा फुले के जीवन संघर्ष और उनके सामाजिक समता के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात, सैंकड़ों की संख्या में दुपहिया और चौपहिया वाहनों के साथ युवा, विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता रैली के रूप में रवाना हुए। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई अंबेडकर पार्क पहुँचकर संपन्न हुई। रैली को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधिच और झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया।
शिक्षा ही समाज की असली ताकत राजेंद्र भांबू ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणापुंज है। विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने उस दौर में शिक्षा की अलख जगाई जब स्थितियां अत्यंत कठिन थीं। मुकेश दाधिच (प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) ने कहा कि आज के युवाओं को फुले जी के पदचिह्नों पर चलने की आवश्यकता है। मैं आमजन से आह्वान करता हूँ कि समाज में शिक्षा, समानता और जागरूकता बढ़ाने के लिए एकजुट हों। केवल शिक्षित समाज ही राष्ट्र निर्माण में बेहतर योगदान दे सकता है।


