बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले आज दरभंगा कलेक्ट्रेट परिसर में शिक्षकों ने अपनी अलग-अलग लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, इंटर और वित्तरहित शिक्षाकर्मी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को 15 सूत्री ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। संघ के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार झा ने कहा कि माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 और 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन काम का पारिश्रमिक अब तक शिक्षकों को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन काम में लगे शिक्षकों को समय पर भुगतान नहीं होने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मूल्यांकन, वीक्षण और परीक्षण कार्य के पारिश्रमिक में वृद्धि करने की भी मांग उठाई। योजना का फायदा देने की मांग की धरना के दौरान शिक्षकों ने सभी शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का फायदा देने की मांग की। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित भुगतान और सेवा निवृत्ति लाभों का ससमय भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई। संघ ने कहा कि कई शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने बकाया भुगतान के लिए कार्यालयों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। नियमित वेतनमान देने की मांग भी उठाई प्रदर्शन में वित्तरहित और अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को नियमित वेतनमान देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने सरकार से उच्चस्तरीय समिति की शीघ्र बैठक बुलाकर लंबित अनुदान राशि और पेंशन संबंधी मामलों का समाधान करने की अपील की। शिक्षकों ने जिलों के बीच ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा लागू करने, कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बीएड प्रशिक्षण की व्यवस्था करने और संगीत, शारीरिक शिक्षा, ललित कला व उर्दू शिक्षकों को अन्य शिक्षकों के समान दर्जा देने की भी मांग रखी। इसके अलावा जनगणना काम अवधि में शिक्षण काम की बाध्यता समाप्त करने, शिक्षा कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा 65 साल करने और उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को दो शिफ्टों में संचालित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संघ ने संस्कृत और मदरसा शिक्षाकर्मियों की लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन की ओर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले आज दरभंगा कलेक्ट्रेट परिसर में शिक्षकों ने अपनी अलग-अलग लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, इंटर और वित्तरहित शिक्षाकर्मी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को 15 सूत्री ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। संघ के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार झा ने कहा कि माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 और 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन काम का पारिश्रमिक अब तक शिक्षकों को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन काम में लगे शिक्षकों को समय पर भुगतान नहीं होने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मूल्यांकन, वीक्षण और परीक्षण कार्य के पारिश्रमिक में वृद्धि करने की भी मांग उठाई। योजना का फायदा देने की मांग की धरना के दौरान शिक्षकों ने सभी शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का फायदा देने की मांग की। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित भुगतान और सेवा निवृत्ति लाभों का ससमय भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई। संघ ने कहा कि कई शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने बकाया भुगतान के लिए कार्यालयों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। नियमित वेतनमान देने की मांग भी उठाई प्रदर्शन में वित्तरहित और अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को नियमित वेतनमान देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने सरकार से उच्चस्तरीय समिति की शीघ्र बैठक बुलाकर लंबित अनुदान राशि और पेंशन संबंधी मामलों का समाधान करने की अपील की। शिक्षकों ने जिलों के बीच ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा लागू करने, कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बीएड प्रशिक्षण की व्यवस्था करने और संगीत, शारीरिक शिक्षा, ललित कला व उर्दू शिक्षकों को अन्य शिक्षकों के समान दर्जा देने की भी मांग रखी। इसके अलावा जनगणना काम अवधि में शिक्षण काम की बाध्यता समाप्त करने, शिक्षा कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा 65 साल करने और उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को दो शिफ्टों में संचालित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संघ ने संस्कृत और मदरसा शिक्षाकर्मियों की लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन की ओर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


