Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव हारने के बाद AIADMK में अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। इसका परिणाम सोमवार को देखने को मिला। AIADMK के तीन विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और विजय की पार्टी TVK का दामन थाम लिया। विधायक मरगथम कुमारवेल, जयकुमार और सत्यभामा ने पहले स्पीकर से मुलाकात की और फिर अपना इस्तीफा सौंप दिया।
माना जा रहा है कि ये विधायक अब टीवीके के चुनाव चिन्ह पर उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। तीन विधायकों के इस्तीफा देने के बाद विधानसभा का भी गणित बदल गया है।
अभी और टूटेगी AIADMK!
वहीं टीवीके नेताओं ने दावा किया है कि आने वाले हफ्तों में AIADMK के करीब 7 से 8 विधायक पार्टी से इस्तीफा देंगे। वहीं प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में इस पूरे अभियान को ‘ऑपरेशन L’ नाम दिया है। AIADMK नेता ने ऑपरेशन L का मतलब भी बताया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘L का मतलब Lottery, Leema और Leave भी हो सकता है। जैसे चाहें वैसे समझ लीजिए।’
बदल गया गणित
AIADMK के तीन विधायकों के इस्तीफा देने के बाद विधानसभा का भी गणित बदल गया है। दरअसल, विजय के एक सीट छोड़ने के बाद फिलहाल TVK के 107 विधायक है। कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन से सरकार फिलहाल स्थिर है। वहीं TVK और AIADMK के कई सूत्रों के अनुसार विजय की पार्टी अब गठबंधन के गणित से आगे बढ़कर पूर्ण बहुमत के गणित पर काम कर रही है।
बता दें कि तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें है और बहुमत का आंकड़ा 118 है। इसलिए अब सीएम विजय की नजर 118 के आंकड़े पर है।
विजय के इस्तीफे के बाद तिरुचि ईस्ट सीट पर उपचुनाव होना तय है और पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि अगर कई सीटों पर एक साथ उपचुनाव होते हैं तो धीरे-धीरे गठबंधन सरकार को एक तरह से एकदलीय सरकार में बदला जा सकता है।
TVK के वरिष्ठ नेता का मानना है कि अगर ये सीटें एक साथ पार्टी के पक्ष में जाती हैं तो माहौल बदल जाता है। जनता को लगने लगता है कि सरकार खुद को स्थिर कर रही है।
दलित विधायकों पर खास नजर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक TVK की नजर खास तौर पर उन विधायकों पर है जो AIADMK के भीतर राजनीतिक रूप से कमजोर या अलग-थलग माने जाते हैं। मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा दोनों दलित विधायक हैं। TVK सूत्रों का दावा है कि सेलम और नमक्कल जिलों के दो और दलित AIADMK विधायक भी बातचीत में हैं।
TVK के एक वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि हर राजनीतिक अभियान की तरह इसमें भी सामाजिक समीकरण काम कर रहे हैं।


