तमिलनाडु सरकार ने वीबी-जीरामजी योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार पूरा करने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए राज्य कोष से 25 अतिरिक्त दिनों के सवैतनिक रोजगार की घोषणा की है। मंगलवार को आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। एक आदेश के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने देशभर में ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना शुरू की।
इसे एक जुलाई 2026 से तमिलनाडु में लागू किया गया, जिसके तहत 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई। पहल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसके तहत साल में 150 दिन तक सहायता उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (आरडी-पीआरडी) ने इस संबंध में प्रशासनिक मंजूरी देते हुए कमजोर वर्गों के परिवारों को प्राथमिकता देने का आदेश जारी किया है।
अतिरिक्त 25 दिन के रोजगार में उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनकी मुखिया महिलाएं हैं। इसके अलावा अकेली महिलाओं, दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत लाभार्थियों को भी प्राथमिकता मिलेगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आयुक्त को चेन्नई को छोड़कर सभी जिलों में राशि वितरित करने के लिए अधिकृत किया गया है।

