Swine Flu: दिल्ली में H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी, सीडीसी और मेयो क्लिनिक से जानें इसके लक्षण और कितना खतरनाक है ये वायरस

Swine Flu: दिल्ली में H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी, सीडीसी और मेयो क्लिनिक से जानें इसके लक्षण और कितना खतरनाक है ये वायरस

Swine Flu H1N1 Virus Symptoms: दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना ऐसे लोग पहुंच रहे हैं जिन्हें तेज बुखार, खांसी और बदन दर्द की शिकायत है। इस खबर के सामने आते ही बहुत से लोग घबरा गए हैं, लेकिन मेयो क्लिनिक का कहना है कि फ्लू से पीड़ित अधिकांश लोग अपने आप ठीक हो जाते हैं। फ्लू और उससे होने वाली जटिलताएं जानलेवा हो सकती हैं, खासकर उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए। मौसमी फ्लू का टीका अब H1N1 फ्लू और अन्य मौसमी फ्लू वायरस से बचाव में मदद कर सकता है। अगर सही समय पर बीमारी पहचान ली जाए और सही देखभाल मिले, तो यह आसानी से ठीक हो जाती है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, कितनी खतरनाक है, इसके लक्षण क्या हैं और ये कितना खतरनाक होता है।

H1N1 स्वाइन फ्लू आखिर क्या होता है?

सीडीसी के अनुसार, यह एक तरह का वायरल इंफेक्शन (इन्फ्लूएंजा-ए) है, जो हमारे गले, नाक और फेफड़ों को निशाना बनाता है। यह कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन हर साल मौसम बदलने पर इसके मामले सामने आते हैं। यह वायरस भी आम सर्दी-जुकाम की तरह ही फैलता है। जब कोई मरीज खांसता या छींकता है, तो हवा में फैली बूंदों के जरिए यह दूसरे लोगों तक पहुंच जाता है। इसके अलावा किसी संक्रमित जगह को छूकर आंखों या नाक पर हाथ लगाने से भी यह फैल सकता है।

यह कितना खतरनाक है और क्या शरीर पर क्या असर डालता है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, स्वाइन फ्लू एक सामान्य फ्लू की तरह ही होता है जो 5 से 7 दिनों में आराम करने से ठीक हो जाता है। लेकिन अगर लापरवाही बरती जाए, तो यह फेफड़ों में पहुंचकर निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति बना सकता है। अक्सर लोग इसे सिर्फ गले या फेफड़ों की बीमारी मानते हैं, लेकिन इसके कारण निम्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है;

  • हृदय रोग और अस्थमा।
  • न्यूमोनिया।
  • भ्रम की स्थिति।
  • ब्रोंकाइटिस।
  • मांसपेशियों में दर्द।

इसके मुख्य लक्षण क्या-क्या हैं?

  • अचानक तेज बुखार आना और ठंड लगना।
  • लगातार बनी रहने वाली सूखी खांसी।
  • गले में तेज खराश या दर्द।
  • सिरदर्द और पूरे शरीर में भयानक ऐंठन/बदन दर्द।
  • बहुत ज्यादा थकान महसूस होना और हिम्मत न पड़ना।

इससे बचने के उपाय

बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें- स्वाइन फ्लू में खुद से एंटीबायोटिक (Antibiotic) खाने की गलती बिल्कुल न करें। यह एक वायरस है, इसलिए इस पर एंटीबायोटिक काम नहीं करती। बुखार के लिए नॉर्मल पैरासिटामोल लें और शुरुआती 48 घंटों में ही डॉक्टर को दिखाएं ताकि वे सही एंटीवायरल दवा दे सकें।

1. फ्लू की वैक्सीन (Flu Shot) लगवाएं- डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में साल में एक बार लगने वाला फ्लू का टीका ज़रूर लगवा लेना चाहिए। इससे शरीर को इस वायरस से लड़ने की ताकत मिलती है।

2. भीड़ में मास्क लगाएं- अगर आप मेट्रो, बस या किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर जा रहे हैं, तो चेहरे पर मास्क ज़रूर पहनें।

3. हाथ धोते रहें- बाहर से घर लौटने पर हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह साफ करें।

4. खूब पानी पीएं और आराम करें- शरीर को डिहाइड्रेट न होने दें। गुनगुना पानी, सूप और आराम इस बीमारी को जल्दी भगाने में सबसे ज्यादा मदद करते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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