मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को जिले में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की औचक जांच की गई। तेल एवं प्राकृतिक गैस (एलपीजी) से संबंधित मिल रही शिकायतों और समस्याओं के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई। जांच अभियान के तहत जिले के विभिन्न कंपनियों के 42 प्राकृतिक गैस (एलपीजी) वितरकों और 35 पेट्रोल/डीजल वितरकों के भंडारण एवं वितरक कार्यालयों के क्रियाकलापों का निरीक्षण किया गया। इसमें पेट्रोल पंपों, एलपीजी वितरकों, भंडारण केंद्रों और संदिग्ध अनाधिकृत भंडारण स्थलों को शामिल किया गया। संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई भी की गई। जांच प्रतिवेदन को गूगल शीट में अपलोड किया सभी संबंधित पदाधिकारियों ने वितरण केंद्र से संबंधित जांच प्रतिवेदन को गूगल शीट में अपलोड किया। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरआरओ) परिमल कुमार ने बताया कि जांच अधिकारियों ने एलपीजी वितरण केंद्रों पर कई बिंदुओं की पड़ताल की। उपस्थित नागरिकों से भी फीडबैक लिया गया इनमें लोगों की कतार की स्थिति, एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति एवं भंडारण, होम डिलीवरी की स्थिति, ऑनलाइन बुकिंग में आने वाली समस्याएं, पब्लिक एड्रेस सिस्टम की उपलब्धता, एजेंसी कर्मियों की उपस्थिति और भंडारण स्थल का सत्यापन शामिल था। उपस्थित नागरिकों से भी फीडबैक लिया गया। वितरकों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए पेट्रोल/डीजल पंपों पर भी विस्तृत जांच की गई। इसमें ग्राहकों की कतार की स्थिति, पेट्रोल/डीजल की आपूर्ति एवं भंडारण, जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए ‘क्या करें/क्या न करें’ (DO/DON’T) पट्टिका/बैनर का प्रदर्शन, गैलन आदि में अनधिकृत भंडारण के उद्देश्य से आने वाले ग्राहकों की स्थिति और उपस्थित नागरिकों का फीडबैक जैसे बिंदु शामिल थे। वितरकों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को जिले में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की औचक जांच की गई। तेल एवं प्राकृतिक गैस (एलपीजी) से संबंधित मिल रही शिकायतों और समस्याओं के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई। जांच अभियान के तहत जिले के विभिन्न कंपनियों के 42 प्राकृतिक गैस (एलपीजी) वितरकों और 35 पेट्रोल/डीजल वितरकों के भंडारण एवं वितरक कार्यालयों के क्रियाकलापों का निरीक्षण किया गया। इसमें पेट्रोल पंपों, एलपीजी वितरकों, भंडारण केंद्रों और संदिग्ध अनाधिकृत भंडारण स्थलों को शामिल किया गया। संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई भी की गई। जांच प्रतिवेदन को गूगल शीट में अपलोड किया सभी संबंधित पदाधिकारियों ने वितरण केंद्र से संबंधित जांच प्रतिवेदन को गूगल शीट में अपलोड किया। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरआरओ) परिमल कुमार ने बताया कि जांच अधिकारियों ने एलपीजी वितरण केंद्रों पर कई बिंदुओं की पड़ताल की। उपस्थित नागरिकों से भी फीडबैक लिया गया इनमें लोगों की कतार की स्थिति, एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति एवं भंडारण, होम डिलीवरी की स्थिति, ऑनलाइन बुकिंग में आने वाली समस्याएं, पब्लिक एड्रेस सिस्टम की उपलब्धता, एजेंसी कर्मियों की उपस्थिति और भंडारण स्थल का सत्यापन शामिल था। उपस्थित नागरिकों से भी फीडबैक लिया गया। वितरकों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए पेट्रोल/डीजल पंपों पर भी विस्तृत जांच की गई। इसमें ग्राहकों की कतार की स्थिति, पेट्रोल/डीजल की आपूर्ति एवं भंडारण, जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए ‘क्या करें/क्या न करें’ (DO/DON’T) पट्टिका/बैनर का प्रदर्शन, गैलन आदि में अनधिकृत भंडारण के उद्देश्य से आने वाले ग्राहकों की स्थिति और उपस्थित नागरिकों का फीडबैक जैसे बिंदु शामिल थे। वितरकों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए।


