मुरैना में वन रक्षक की हत्या और चंबल नदी पर बने पुल की नींव तक अवैध खनन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि रेत माफिया पुल की नींव तक खोद रहे हैं और वन अधिकारियों को कुचलकर मार रहे हैं, तो ऐसे में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। कोर्ट ने पूछा कि यदि पुल गिर जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। अवैध खनन पर सरकार की भूमिका पर सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये घटनाएं संकेत देती हैं कि या तो राज्य सरकार अवैध खनन रोकने में विफल रही है या फिर इसमें अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह सब राज्य सरकार की निगरानी में हो रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। पुल की नींव तक की गई खुदाई
जानकारी के अनुसार, राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-44 का चंबल पुल मुरैना के राजघाट क्षेत्र में स्थित है। इस पुल के कई पिलरों के नीचे रेत माफिया द्वारा करीब 15 फीट तक खुदाई किए जाने की बात सामने आई है, जिससे संरचना की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। वन रक्षक हत्या मामले में मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने वन रक्षक की हत्या के मामले में अब तक की जांच की स्थिति रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो 17 अप्रैल को सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ राज्यों में वन अधिकारियों को रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों ने भी केंद्र से ऐसे अधिकारों की मांग की है, ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। बता दें कि 8 अप्रैल को वन आरक्षक की ट्रेक्टर से कुचल कर हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं इस मामले को संज्ञान में लिया है और वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को हत्या के मामले में मुरैना पुलिस से जानकारी मांगी गई। इसमें सोमवार को मुरैना पुलिस की ओर से अपनी दलील में हत्या के तीनों आरोपी को गिरफ्तार बताए। यह भी पूछा सुप्रीम कोर्ट ने
क्या मुरैना पुलिस प्रशासन को चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन होता दिखाई नहीं देता क्या प्रशासन अंधा है। अवैध उत्खनन रोकने के क्या क्या प्रयत्न किए गए? यह क्यों रुक नहीं पा रहा? इस सब की जानकारी सुप्रीक कोर्ट ने मांगी है। यह भी पढ़ें… BJP नेताओं के ट्रैक्टर ने वन रक्षक को कुचला, मौत:मुरैना में मंडल मंत्री-उपाध्यक्ष हैं पार्टनर
मुरैना में रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर ने वन रक्षक को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम रूटीन गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सामने से रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखी। टीम ने रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़िए…


