Sugar Price: चीनी की थोक कीमतों ने फिर खाई पलटी, गिर गए दाम, जानिए आपके शहर में क्या हैं रिटेल भाव

Sugar Price: चीनी की थोक कीमतों ने फिर खाई पलटी, गिर गए दाम, जानिए आपके शहर में क्या हैं रिटेल भाव

Wholesale Sugar Price: बड़े शहरों में चीनी की थोक कीमतों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। ये भाव 200 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए। हालांकि, चीनी की रिटेल कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। लेकिन लोगों को चीनी की महंगाई से जल्द राहत मिल सकती है। चीनी इंडस्ट्री का मानना है कि अगले 7 से 10 दिनों में खुदरा कीमतें नीचे आ सकती हैं, क्योंकि एक्स-मिल कीमतें 5000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे ट्रेड कर रही हैं।

चीनी की थोक कीमतों में गिरावट

चीनी की थोक कीमतों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। चीनीमंडी के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चीनी के थोक भाव 5800 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 5700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर में चीनी के भाव 5850 रुपये से गिरकर 5650 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इसी तरह रायपुर में भाव 5500 से गिरकर 5400 रुपये, मुंबई में 5300 से गिरकर 5200 रुपये, रांची में 5500 से गिरकर 5400 रुपये, कोलकाता में 5500 से गिरकर 5400 रुपये, गुवाहाटी में 5550 से गिरकर 5450 रुपये, हैदराबाद में 5400 से गिरकर 5300 रुपये और चेन्नई में 6000 से गिरकर 5900 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए।

रिटेल बाजार में नहीं बदले भाव

थोक कीमतों से इतर चीनी की रिटेल कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। दिल्ली में बुधवार को चीनी के भाव बिना किसी बदलाव के साथ 61 रुपये प्रति किलोग्राम पर रहे। इसी तरह कानपुर में चीनी के रिटेल भाव 62 रुपये प्रति किलो, रायपुर में 62 रुपये प्रति किलो, मुंबई में 61 रुपये प्रति किलो, रांची में 61 रुपये प्रति किलो, कोलकाता में 61 रुपये प्रति किलो, गुवाहाटी में 62 रुपये प्रति किलो, हैदराबाद में 61 रुपये प्रति किलो और चेन्नई में 63 रुपये प्रति किलोग्राम पर रहे।

7 से 10 दिनों में गिर सकती हैं कीमतें

भारतीय चीनी उद्योग ने देश में चीनी की किसी भी तरह की कमी की आशंका को खारिज किया है। इंडस्ट्री का कहना है कि अगले 7-10 दिनों में खुदरा कीमतों में काफी कमी आने की संभावना है, क्योंकि प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में एक्स-मिल कीमतें पहले ही 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे आ गई हैं। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) ने भी चीनी की उपलब्धता से जुड़ी चिंताओं को खारिज किया है और ग्राहकों से कहा है कि वे पेनिक में आकर ज्यादा चीनी न खरीदें।

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