अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग कर रहे एक छात्र को लाइब्रेरी में पेट्रोल की बोतल के साथ पकड़ लिया। एएमयू प्रशासन ने थाना सिविल लाइंस से पुलिस बुलाकर छात्र को हिरासत में दे दिया। उधर, पुलिस ने शांतिभंग की धारा में छात्र का चालान किया। इस घटना के बाद से छात्रों में आक्रोश है। सोमवार को धरने पर बैठे थे छात्र सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने छात्र संघ चुनाव के लिए बाब-ए-सैयद गेट पर धरना देकर इंतजामिया के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने रात में धरना दिया, जिससे आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित रही। हालांकि विश्वविद्यालय के अन्य गेटों से वाहनों का आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा। छात्रों ने दी थी आंदोलन की चेतावनी छात्र नेता गय्यूम हुसैन, इब्राहिम और सोनपाल ने आरोप लगाया कि इंतजामिया ने दिसंबर 2025 में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके अब तक न तो चुनाव अधिकारी के नाम की घोषणा की गई और न ही कोई ठोस पहल की गई। उन्होंने कहा कि एएमयू जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव न कराना लोकतंत्र की हत्या के समान है। चेतावनी दी कि यदि जल्द चुनाव अधिकारी की घोषणा नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। लाइब्रेरी में बैग ले जाने पर है प्रतिबंध एएमयू प्रॉक्टर वसीम अली ने बताया कि एमटेक फाइनल ईयर का छात्र सोनपाल लाइब्रेरी में जा रहा था। लाइब्रेरी में बैग ले जाने पर प्रतिबंध है। छात्र केवल किताब लेकर ही अंदर जा सकते हैं। जब लाइब्रेरी पर मौजूद कर्मचारियों ने बैग ले जाने से मना किया तो वह नहीं माना। इसके बाद उसके बैग को देखा तो उसमें पेट्रोल की एक बोतल मिली। इसके बाद लाइब्रेरियन ने प्रॉक्टर ऑफिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची थाना सिविल लाइंस पुलिस छात्र को गिरफ्तार करके ले गई। शांतिभंग के तहत की गई कार्रवाई एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर कुछ छात्रों ने प्रदर्शन किया था। सोनपाल भी छात्र संघ के धरने में शामिल हुआ था, लेकिन उसके ऊपर हुई कार्रवाई को धरने से कोई मतलब नहीं है। वह पेट्रोल की बोतल लेकर लाइब्रेरी में घुसा था, इसलिए उसपर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने शांतिभंग के तहत कार्रवाई की है।


