समस्तीपुर में 12 फरवरी को श्रम-किसान-मजदूर संगठनों की हड़ताल:सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया, कहा- जुलूस निकालेंगे

समस्तीपुर में 12 फरवरी को श्रम-किसान-मजदूर संगठनों की हड़ताल:सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया, कहा- जुलूस निकालेंगे

समस्तीपुर में श्रम, किसान और मजदूर संगठनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से आज ताजपुर के जनता मैदान में संयुक्त श्रम संगठन, संयुक्त किसान संगठन और संयुक्त खेत-मजदूर संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह और भाकपा के रामप्रीत पासवान ने की। इसका संचालन एसयूसीआई के चंद्रशेखर राय और किसान महासभा के ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से किया। सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया बैठक में वक्ताओं ने मोदी सरकार की नीतियों को मजदूर और किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि 44 श्रम कोड को खत्म कर 4 नए श्रम कोड बनाए गए हैं, जो मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। इसी तरह, 2025 का विद्युत और बीज विधेयक किसानों के लिए हानिकारक है और कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है। मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाकर इसे ‘जीराम जी’ करने को भी मजदूर विरोधी कदम बताया गया। राजधानी चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा संगठनों ने निर्णय लिया कि 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने के लिए ताजपुर में एक संयुक्त जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस बाजार का भ्रमण करेगा और राजधानी चौक पर धरना-प्रदर्शन व सभा का आयोजन किया जाएगा। नेताओं ने ताजपुर के निवासियों से इस आम हड़ताल में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस हड़ताल के जरिए सरकार को यह संदेश दिया जाएगा कि मजदूर और किसान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को तैयार हैं। उन्होंने सरकार से मजदूर और किसान विरोधी नीतियों को वापस लेने और उनके हित में काम करने की मांग की। भाकपा के रामप्रीत पासवान ने कहा कि आम हड़ताल के माध्यम से हम सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि मजदूर और किसान एकजुट हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि मजदूरों और किसानों के हित में काम किया जाए और उनकी मांगों को पूरा किया जाए। समस्तीपुर में श्रम, किसान और मजदूर संगठनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से आज ताजपुर के जनता मैदान में संयुक्त श्रम संगठन, संयुक्त किसान संगठन और संयुक्त खेत-मजदूर संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह और भाकपा के रामप्रीत पासवान ने की। इसका संचालन एसयूसीआई के चंद्रशेखर राय और किसान महासभा के ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से किया। सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया बैठक में वक्ताओं ने मोदी सरकार की नीतियों को मजदूर और किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि 44 श्रम कोड को खत्म कर 4 नए श्रम कोड बनाए गए हैं, जो मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। इसी तरह, 2025 का विद्युत और बीज विधेयक किसानों के लिए हानिकारक है और कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है। मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाकर इसे ‘जीराम जी’ करने को भी मजदूर विरोधी कदम बताया गया। राजधानी चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा संगठनों ने निर्णय लिया कि 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने के लिए ताजपुर में एक संयुक्त जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस बाजार का भ्रमण करेगा और राजधानी चौक पर धरना-प्रदर्शन व सभा का आयोजन किया जाएगा। नेताओं ने ताजपुर के निवासियों से इस आम हड़ताल में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस हड़ताल के जरिए सरकार को यह संदेश दिया जाएगा कि मजदूर और किसान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को तैयार हैं। उन्होंने सरकार से मजदूर और किसान विरोधी नीतियों को वापस लेने और उनके हित में काम करने की मांग की। भाकपा के रामप्रीत पासवान ने कहा कि आम हड़ताल के माध्यम से हम सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि मजदूर और किसान एकजुट हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि मजदूरों और किसानों के हित में काम किया जाए और उनकी मांगों को पूरा किया जाए।  

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