प्रभात हॉस्पिटल की स्टाफ बोली-बेहोश थी, शरीर पर खरोंच थे:NEET छात्रा केस में CBI की 5 घंटे पूछताछ; हॉस्टल ऑनर मनीष रंजन की बेल पर सुनवाई आज

प्रभात हॉस्पिटल की स्टाफ बोली-बेहोश थी, शरीर पर खरोंच थे:NEET छात्रा केस में CBI की 5 घंटे पूछताछ; हॉस्टल ऑनर मनीष रंजन की बेल पर सुनवाई आज

पटना में NEET छात्रा मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम शुक्रवार को प्रभात अस्पताल पहुंची। एक महिला स्टाफ से 5 घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई ने पूछा कि जब छात्रा हॉस्पिटल आई तो उसकी क्या हालत थी। क्या देखा उस वक्त? महिला स्टाफ ने कहा, वह बेहोशी की हालत में थी? उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे। महिला स्टाफ ने यह भी कहा कि अस्पताल में यह चर्चा चल रही थी कि उसके साथ घिनौनी हरकत हुई है। स्टाफ बोली-बेहोश थी, शरीर पर खरोंच थे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ दुष्कर्म की बात लिखी गई है। अस्पताल ने उसके मौत की वजह नशीली दवा के ओवरडोज की बात लिखी थी। यह कैसे लिखी गई और क्यों लिखी गई, इसका जवाब तो लैब के स्टाफ देंगे। महिला स्टाफ ने आगे कहा कि, ‘यह हम कैसे कह सकते हैं कि रिपोर्ट बदला गया या नहीं?’ डॉक्टर सतीश के बारे में नहीं हुई पूछताछ मीडिया से बात करते हुए महिला स्टाफ ने कहा कि, इस पर सीबीआई जांच करे? मैं सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग करूंगी। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अस्पताल के डॉक्टर सतीश के बारे में भी पूछताछ हुई तो उस पर महिला स्टॉफ कहा कि डॉक्टर सतीश के बारे में कोई पूछताछ नहीं की गई। हॉस्टल संचालक मनीष रंजन की जमानत पर सुनवाई आज इस मामले में पटना पुलिस ने हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके बाद किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। 26 फरवरी को मनीष के बेल पर सुनवाई हुई, लेकिन बेल नहीं मिला। कोर्ट ने सीबीआई को शो कॉज करते हुए पूछा था कि जब पॉक्सो कोर्ट में केस चल रहा है तो फिर अलग से एफआईआर क्यों किया। आज 28 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट में फिर मनीष के बेल पर सुनवाई होनी है। तीन दिनों के अंदर आज दूसरी बार सुनवाई होगी। 28 फरवरी को इस केस के सीबीआई के आईओ और एसआईटी भी कोर्ट ने बुलाया है। पटना पुलिस और CBI को लगाई थी फटकार पॉक्सो कोर्ट ने जांच में लापरवाही को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने पटना पुलिस और CBI को काफी फटकार लगाई थी। साथ ही इन्हें वो पूरी चेन बनाकर लाने का निर्देश दिया गया था, जिन लोगों से इन्होंने अब तक पूछताछ किए और जिनका बयान दर्ज किया था। 45 दिनों से बेउर जेल में बंद है मनीष मनीष रंजन पिछले 45 दिनों से पटना के बेउर जेल में बंद है। शम्भू गर्ल्स हॉस्टल जिस बिल्डिंग में चला करता था, ये उसी का मालिक है। नीट छात्रा रेप-मौत मामले में बवाल बढ़ने के बाद पटना पुलिस ने इसके खिलाफ कार्रवाई की थी। 14 जनवरी को पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने पर वहां से मनीष को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद है। परिवार का दावा- मुख्य साजिशकर्ता है मनीष रंजन पिछली सुनवाई की तरह आज भी छात्रा का परिवार कोर्ट में मौजूद रहेगा। अपने वकील के माध्यम से परिवार ने मनीष के जमानत याचिका का विरोध किया था। कोर्ट को बताया था कि छात्रा के साथ जो घटना हुई, उसका मुख्य साजिशकर्ता मनीष रंजन ही है। इसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए। इस बार भी कोर्ट में परिवार की कोशिश होगी कि जब सुनवाई शुरू हो तो वकील के जरिए जमानत का विरोध करेंगे। इसके लिए उनके वकील अपनी तरफ से ठोस आधार रखने की कोशिश करेंगे। पटना में NEET छात्रा मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम शुक्रवार को प्रभात अस्पताल पहुंची। एक महिला स्टाफ से 5 घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई ने पूछा कि जब छात्रा हॉस्पिटल आई तो उसकी क्या हालत थी। क्या देखा उस वक्त? महिला स्टाफ ने कहा, वह बेहोशी की हालत में थी? उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे। महिला स्टाफ ने यह भी कहा कि अस्पताल में यह चर्चा चल रही थी कि उसके साथ घिनौनी हरकत हुई है। स्टाफ बोली-बेहोश थी, शरीर पर खरोंच थे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ दुष्कर्म की बात लिखी गई है। अस्पताल ने उसके मौत की वजह नशीली दवा के ओवरडोज की बात लिखी थी। यह कैसे लिखी गई और क्यों लिखी गई, इसका जवाब तो लैब के स्टाफ देंगे। महिला स्टाफ ने आगे कहा कि, ‘यह हम कैसे कह सकते हैं कि रिपोर्ट बदला गया या नहीं?’ डॉक्टर सतीश के बारे में नहीं हुई पूछताछ मीडिया से बात करते हुए महिला स्टाफ ने कहा कि, इस पर सीबीआई जांच करे? मैं सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग करूंगी। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अस्पताल के डॉक्टर सतीश के बारे में भी पूछताछ हुई तो उस पर महिला स्टॉफ कहा कि डॉक्टर सतीश के बारे में कोई पूछताछ नहीं की गई। हॉस्टल संचालक मनीष रंजन की जमानत पर सुनवाई आज इस मामले में पटना पुलिस ने हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके बाद किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। 26 फरवरी को मनीष के बेल पर सुनवाई हुई, लेकिन बेल नहीं मिला। कोर्ट ने सीबीआई को शो कॉज करते हुए पूछा था कि जब पॉक्सो कोर्ट में केस चल रहा है तो फिर अलग से एफआईआर क्यों किया। आज 28 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट में फिर मनीष के बेल पर सुनवाई होनी है। तीन दिनों के अंदर आज दूसरी बार सुनवाई होगी। 28 फरवरी को इस केस के सीबीआई के आईओ और एसआईटी भी कोर्ट ने बुलाया है। पटना पुलिस और CBI को लगाई थी फटकार पॉक्सो कोर्ट ने जांच में लापरवाही को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने पटना पुलिस और CBI को काफी फटकार लगाई थी। साथ ही इन्हें वो पूरी चेन बनाकर लाने का निर्देश दिया गया था, जिन लोगों से इन्होंने अब तक पूछताछ किए और जिनका बयान दर्ज किया था। 45 दिनों से बेउर जेल में बंद है मनीष मनीष रंजन पिछले 45 दिनों से पटना के बेउर जेल में बंद है। शम्भू गर्ल्स हॉस्टल जिस बिल्डिंग में चला करता था, ये उसी का मालिक है। नीट छात्रा रेप-मौत मामले में बवाल बढ़ने के बाद पटना पुलिस ने इसके खिलाफ कार्रवाई की थी। 14 जनवरी को पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने पर वहां से मनीष को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद है। परिवार का दावा- मुख्य साजिशकर्ता है मनीष रंजन पिछली सुनवाई की तरह आज भी छात्रा का परिवार कोर्ट में मौजूद रहेगा। अपने वकील के माध्यम से परिवार ने मनीष के जमानत याचिका का विरोध किया था। कोर्ट को बताया था कि छात्रा के साथ जो घटना हुई, उसका मुख्य साजिशकर्ता मनीष रंजन ही है। इसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए। इस बार भी कोर्ट में परिवार की कोशिश होगी कि जब सुनवाई शुरू हो तो वकील के जरिए जमानत का विरोध करेंगे। इसके लिए उनके वकील अपनी तरफ से ठोस आधार रखने की कोशिश करेंगे।  

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