सख्त कार्रवाई करने को कहा
उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने अधिकारियों से यह भी जांच करने को कहा है कि क्या टिकट बुकिंग और रद्दीकरण के दौरान यात्रियों से सीमा से अधिक शुल्क लिया जा रहा है। यदि ऐसी व्यापक अनियमितताएं सामने आती हैं तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 के तहत सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
मंत्री के निर्देश की वजह
तेजिंदर पाल सिंह बग्गा नामक एक ग्राहक ने अगोड़ा प्लेटफॉर्म के जरिए मुंबई का टिकट बुक करते समय गलती से मुंबई की जगह नवी मुंबई चुन लिया था। टिकट रद्द करने पर अगोड़ा ने 4,764 रद्दीकरण शुल्क काटकर केवल 1,571 वापसी राशि दिखाई। बाद में ग्राहक ने सीधे अकासा एयर पर रद्दीकरण शुल्क की जांच की, जहां केवल 299 शुल्क काटकर 6,076 वापसी राशि दिखाई गई। इससे पता चला कि अगोड़ा ने एयरलाइन की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक शुल्क वसूला। इसके बाद ग्राहक ने सवाल उठाया कि जब एयरलाइन केवल 299 काट रही है तो अतिरिक्त 4,764 किस आधार पर लिया जा रहा है। शिकायत के बाद मामला उपभोक्ता विभाग के संज्ञान में आया।


