सीकर में सोलर वेंडर ने किया सुसाइड:दुकान में वायर से फंदा बनाया,कल से फोन भी स्विच ऑफ था

सीकर में सोलर वेंडर ने किया सुसाइड:दुकान में वायर से फंदा बनाया,कल से फोन भी स्विच ऑफ था

सीकर के कोतवाली थाना इलाके में सोलर वेंडर ने सुसाइड कर लिया। जिसने अपनी ही दुकान में वायर से फांसी का फंदा बनाया। मृतक का मोबाइल भी स्विच ऑफ था। मरने से पहले उसने डायरी में सुसाइड नोट भी लिखा जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है। ASI विद्याधर सिंह ने बताया कि आज दोपहर को सूचना मिली कि पालवास रोड पर पूनम रेस्टोरेंट के सामने एक दुकान में युवक ने सुसाइड कर लिया। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। जहां पर साइड की दुकान से प्लाई हटाकर देखा गया तो एक युवक फंदे पर लटका हुआ था। जिसकी पहचान मंगलचंद (30) पुत्र बनवारीलाल निवासी तासर के रूप में हुई। जिसके भाई ने रिपोर्ट दी है कि मंगलचंद सोलर वेंडर था। कई जगह उसने काम किया वहां पैसे बकाया थे और लोग उसे धमकी दे रहे थे। इससे परेशान होकर मंगलचंद ने सुसाइड कर लिया। सुसाइड नोट में दो-तीन लोगों के नाम है जिस पर जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक मृतक मंगलचंद कल सुबह घर से निकला था। दोपहर करीब 12 बजे बाद से उसका मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। परिवार के लोगों ने जब दुकान पर मालूम करवाया तो दुकान बंद थी। परिवार ने कई बार मोबाइल ट्राई किया लेकिन हर बार मोबाइल स्विच ऑफ मिला। आज सुबह परिवार ने जब दुकान की तरफ किसी को भेजा तो मंगलचंद की बाइक तो खड़ी थी और दुकान अंदर से बंद थी। इसके बाद मृतक का भाई यहां पर आया और दुकान के शटर के नीचे की तरफ से देखा तो भाई फंदे पर लटका हुआ था। मंगलचंद दो भाइयों में बड़ा और अविवाहित था। करीब 8 महीने पहले ही उसने सीकर में दुकान शुरू की थी। अब पढ़िए मृतक का सुसाइड नोट… Love You maa Love You bhai “मैं तेरे साथ जिंदगी नहीं बीता पाया। क्या करूं कुछ बंदे थे जो मेरे पैसे खाते रहे और मैं उनसे डरता रहा। I am sorry bhai अंकित चौधरी सर्किट हाउस के पीछे पुलिस वाला अपनी साइट के पैसे खा गया और दूसरी साइट दिलवाई उसके भी कमीशन के तौर पर पैसे खाता रहा। सबसे ज्यादा तो तब हुआ जब इसने महेंद्र की साइट दिलवाई थी। महेंद्र भी इसका पार्टनर बन गया पैसे खाने को। फिर हर जगह रोक कर मुझे बेइज्जत करता। एक बार तो मारा भी। यह किसको बताऊं समझ नहीं आया। साथ में महेंद्र बोलता कि स्कॉर्पियो में डालकर तेरे को ऐसी जगह मारेंगे कि समझ में नहीं आएगा। मेरे को उनको पैसे देने के अलावा और कोई चारा नहीं था फिर श्रवण इनका पार्टनर बन गया। फिर मैं बीच में फंस गया। न तो वो मेरे पैसे देता और फोन करता तो कहता वो देगा, वो देगा… महेंद्र और अंकित का साथ दिया श्रवण ने। श्रवण मेरे दो तो 10 किलोवाट की साइट खा गया। उसमें मेरा पैसा लगा हुआ था ऊपर से जो मेरे पास साइट लगाने को आई थी वह भी खुद ही लगाने लग गए थे। इन सब ने लगभग मेरी पूरी बचत ही ले ली थी। पहले प्यार से और फिर धमका कर बोला कि पहले मेरी नक्सलियों में पोस्टिंग थी मैं वहां बहुत मारता था बंदों को। महेंद्र बोलेगा कि मैंने मंगल को 2.10 लाख दिए लेकिन वापस कितने लिए यह नहीं बताएंगे जबकि साइट 2.80 लाख की थी और अंकित ने अपने पास कितनी साइट करवाई। Sorry”

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