बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित रामपुर घाट शिव-पार्वती मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। छह दिवसीय मेले को लेकर सारी तैयारियों पूरी कर ली गई है।
मेले में आसपास के जिलों से करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधा की व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गई है। जलाभिषेक और उप मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव-पार्वती मंदिर में विशेष जलाभिषेक होगा। सुबह से ही श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन करेंगे। इसी दिन शाम में मेले का औपचारिक उद्घाटन बिहार के गृह मंत्री सह डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी करेंगे। उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। शाम के समय संध्या आरती का भव्य आयोजन होगा, जिसमें सैकड़ों दीयों की रोशनी से मंदिर परिसर आलोकित होगा। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत पारंपरिक ‘बिदेशिया नाच’ का आयोजन किया जाएगा, जो ग्रामीण संस्कृति और लोक कला का जीवंत प्रदर्शन माना जाता है। 16 फरवरी को भी बिदेशिया नाच का आयोजन दर्शकों की मांग पर 16 फरवरी को भी बिदेशिया नाच का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस लोक नृत्य के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और पारंपरिक कथाओं को मंचित किया जाएगा। मेले में आने वाले ग्रामीण और शहरी दर्शकों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। 17 फरवरी को जागरण और भव्य झांकी 17 फरवरी की रात भक्ति और संगीत से सराबोर होगी। इस दिन प्रसिद्ध कलाकार आनंद राज और पल्लवी झा द्वारा भव्य जागरण प्रस्तुत किया जाएगा। भजन-कीर्तन और देवी-देवताओं की स्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। इसके साथ ही अनिल महाकाल द्वारा आकर्षक झांकी की प्रस्तुति दी जाएगी। जिसमें धार्मिक प्रसंगों को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। विकास भोजपुरिया और नेहा राज का स्टार नाइट शो 18 फरवरी को मेले में मनोरंजन का खास तड़का देखने को मिलेगा। इस दिन लोकप्रिय कलाकार विकास भोजपुरिया और नेहा राज द्वारा स्टार नाइट शो का आयोजन किया जाएगा। भोजपुरी गीतों और मंचीय प्रस्तुति से युवाओं में खास उत्साह देखने की उम्मीद है। आयोजन समिति का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और खुशी कक्कर की प्रस्तुति मेले के अंतिम दिन 19 फरवरी को सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और चर्चित गायिका खुशी कक्कर की ओर से स्टार नाइट शो प्रस्तुत किया जाएगा। मोहन राठौर अपनी मधुर आवाज और लोकप्रिय भोजपुरी गीतों के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह है। अंतिम दिन बड़ी संख्या में दर्शकों के जुटने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारी आयोजन समिति ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। प्रशासन से सहयोग लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी तैयारी है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग बनाए गए हैं। बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो। स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात रहेगी, जो श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देगी। पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था मेले में लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर से कुछ दूरी पर बड़े मैदानों को अस्थायी पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। मेडिकल सुविधा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कैंप की स्थापना की गई है। प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मौजूद रहेगी। एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है, जिससे इमरजेंसी में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। साफ-सफाई के लिए विशेष टीम गठित की गई है। नियमित रूप से कूड़ा उठाने और शौचालयों की सफाई की व्यवस्था की गई है। पेयजल के लिए टैंकर और जलापूर्ति की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। मेले में झूले और मीना बाजार का आकर्षण धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले में मनोरंजन के साधनों की भी व्यवस्था की गई है। बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए जा रहे हैं। मीना बाजार में घरेलू सामान, खिलौने, सजावटी वस्तुएं और खानपान के स्टॉल आकर्षण का केंद्र होंगे। स्थानीय व्यापारियों को भी मेले के माध्यम से कारोबार का अवसर मिलेगा। सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व रामपुर घाट शिव-पार्वती मंदिर का यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समागम का भी प्रतीक है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ जुटते हैं और आपसी सौहार्द का संदेश देते हैं। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह मेला क्षेत्र की आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और मेले को सफल बनाने में सहयोग करें। छह दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव क्षेत्र में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों की छटा बिखेरने के लिए तैयार है। बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित रामपुर घाट शिव-पार्वती मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। छह दिवसीय मेले को लेकर सारी तैयारियों पूरी कर ली गई है।
मेले में आसपास के जिलों से करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधा की व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गई है। जलाभिषेक और उप मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव-पार्वती मंदिर में विशेष जलाभिषेक होगा। सुबह से ही श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन करेंगे। इसी दिन शाम में मेले का औपचारिक उद्घाटन बिहार के गृह मंत्री सह डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी करेंगे। उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। शाम के समय संध्या आरती का भव्य आयोजन होगा, जिसमें सैकड़ों दीयों की रोशनी से मंदिर परिसर आलोकित होगा। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत पारंपरिक ‘बिदेशिया नाच’ का आयोजन किया जाएगा, जो ग्रामीण संस्कृति और लोक कला का जीवंत प्रदर्शन माना जाता है। 16 फरवरी को भी बिदेशिया नाच का आयोजन दर्शकों की मांग पर 16 फरवरी को भी बिदेशिया नाच का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस लोक नृत्य के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और पारंपरिक कथाओं को मंचित किया जाएगा। मेले में आने वाले ग्रामीण और शहरी दर्शकों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। 17 फरवरी को जागरण और भव्य झांकी 17 फरवरी की रात भक्ति और संगीत से सराबोर होगी। इस दिन प्रसिद्ध कलाकार आनंद राज और पल्लवी झा द्वारा भव्य जागरण प्रस्तुत किया जाएगा। भजन-कीर्तन और देवी-देवताओं की स्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। इसके साथ ही अनिल महाकाल द्वारा आकर्षक झांकी की प्रस्तुति दी जाएगी। जिसमें धार्मिक प्रसंगों को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। विकास भोजपुरिया और नेहा राज का स्टार नाइट शो 18 फरवरी को मेले में मनोरंजन का खास तड़का देखने को मिलेगा। इस दिन लोकप्रिय कलाकार विकास भोजपुरिया और नेहा राज द्वारा स्टार नाइट शो का आयोजन किया जाएगा। भोजपुरी गीतों और मंचीय प्रस्तुति से युवाओं में खास उत्साह देखने की उम्मीद है। आयोजन समिति का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और खुशी कक्कर की प्रस्तुति मेले के अंतिम दिन 19 फरवरी को सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और चर्चित गायिका खुशी कक्कर की ओर से स्टार नाइट शो प्रस्तुत किया जाएगा। मोहन राठौर अपनी मधुर आवाज और लोकप्रिय भोजपुरी गीतों के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह है। अंतिम दिन बड़ी संख्या में दर्शकों के जुटने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारी आयोजन समिति ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। प्रशासन से सहयोग लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी तैयारी है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग बनाए गए हैं। बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो। स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात रहेगी, जो श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देगी। पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था मेले में लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर से कुछ दूरी पर बड़े मैदानों को अस्थायी पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। मेडिकल सुविधा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कैंप की स्थापना की गई है। प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मौजूद रहेगी। एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है, जिससे इमरजेंसी में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। साफ-सफाई के लिए विशेष टीम गठित की गई है। नियमित रूप से कूड़ा उठाने और शौचालयों की सफाई की व्यवस्था की गई है। पेयजल के लिए टैंकर और जलापूर्ति की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। मेले में झूले और मीना बाजार का आकर्षण धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले में मनोरंजन के साधनों की भी व्यवस्था की गई है। बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए जा रहे हैं। मीना बाजार में घरेलू सामान, खिलौने, सजावटी वस्तुएं और खानपान के स्टॉल आकर्षण का केंद्र होंगे। स्थानीय व्यापारियों को भी मेले के माध्यम से कारोबार का अवसर मिलेगा। सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व रामपुर घाट शिव-पार्वती मंदिर का यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समागम का भी प्रतीक है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ जुटते हैं और आपसी सौहार्द का संदेश देते हैं। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह मेला क्षेत्र की आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और मेले को सफल बनाने में सहयोग करें। छह दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव क्षेत्र में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों की छटा बिखेरने के लिए तैयार है।


