हरियाणा के करनाल में स्टेट विजिलेंस की टीम के हत्थे चढ़े खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार अब एसीबी की गिरफ्त है। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी। वर्क और फैमिली बैकग्राउंड खंगालने पर पुलिस को पता चला कि जहां मनोज कुमार रिटायर्ड फौजी है, वह सभी डिपो होल्डर्स से 10 प्रतिशत कमीशन और चेकिंग के दौरान 4 हजार रुपये लेता था। खास बात ये है कि उनकी पत्नी सुनील मोर भी राजनीति में एक्टिव है। वे वर्तमान में भाजपा मधुबन मंडल में सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन है। सुनील मोहर भाजपा में सक्रिय रहते हुए विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। इससे पहले मोहिदीपुर मंडल में महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। सूत्रों की माने तो सुनील मोहर निकाय चुनावों के दौरान वार्ड-6 से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की भी इच्छुक थी, लेकिन इनको टिकट नहीं मिला था। परिवार ने दो स्कूल भी खोल रखे हैं। अब पति मनोज कुमार की गिरफ्तारी और उन पर लगे रिश्वत के आरोप से जहां से उनका परिवार सदमे में है, वहीं, पूरे मधुबन मंडल में चर्चा का विषय बने हुए हैं। क्या होते है एमिनेंट पर्सन, यहां जानिए आरोपी सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार की पत्नी सुनील मोर करीब दो साल पहले एमिनेंट पर्सन लगी थी। राजनीति में ‘एमिनेंट पर्सन’ (Eminent Person यानि प्रतिष्ठित व्यक्ति) का मतलब ऐसे समाजसेवियों, विशेषज्ञों, या सत्ताधारी दल से जुड़े वरिष्ठ नेताओं से होता है, जिन्हें सरकार द्वारा जनहित के कार्यों की निगरानी, नीति निर्धारण या विशिष्ट शिकायतों के निवारण (जैसे CM विंडो) के लिए नियुक्त किया जाता है। हरियाणा में, एमिनेंट पर्सन सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के निपटान में अहम भूमिका निभाते हैं, जहां उनकी सहमति और हस्ताक्षर के बिना शिकायत का समाधान अधूरा माना जाता है। अक्सर ये नियुक्तियां राजनीतिक आधार पर की जाती हैं, जहां सत्तारूढ़ दल (जैसे भाजपा या गठबंधन) के विश्वासपात्र लोगों को यह जिम्मेदारी दी जाती है। इन्हें यह जिम्मेदारी दी है कि जो लोग सीएम विंडो पर अपनी शिकायते भेजते है और उनकी सुनवाई नहीं होती है तो उसमें एमिनेंट पर्सन संबंधित संस्थान या अधिकारी से मिलकर शिकायत के निराकरण न होने के कारणों के बारे में जानते है और उस शिकायत का निस्तारण कराते है। कहने के मतलब ये आम नागरिक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक कड़ी की तरह काम करते हैं, ताकि शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान हो सके।
अब जानिए कैसे विजिलेंस के चंगुल में फंसे सब इंस्पेक्टर मनोज विभाग में हड़कंप, बीजेपी करनाल में बना चर्चा का विषय
इस गिरफ्तारी से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है। रिटायर्ड फौजी होने के बावजूद मनोज कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। उनकी भाजपा नेत्री पत्नी सुनील मोहर की राजनीतिक सक्रियता भी अब चर्चा का विषय बन गई है। सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन के पति पर ऐसे आरोप अपने आप में बड़ा सवाल है? बता दें कि करनाल समेत आसपास के इलाकों में डिपो होल्डर्स अक्सर चेकिंग के दौरान अधिकारियों द्वारा मांगी जाने वाली रिश्वत की शिकायत करते रहे हैं। इस मामले में विजिलेंस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय मानी जा रही है। स्टेट विजिलेंस कुरूक्षेत्र की सब इंस्पेक्टर नन्ही देवी ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। चाहे कोई भी अधिकारी हो, रिश्वत लेते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


