SIR Controversy: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है। रविवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फडणवीस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा कर रहे हैं और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी संविधान को सामने रखकर उसकी ओर से बनाई गई संवैधानिक संस्थाओं पर ही सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति पैदा करने के बाद देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। फडणवीस ने चुनाव आयोग के अलावा सुप्रीम कोर्ट, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) जैसी संस्थाओं को लेकर भी राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाया।
‘क्या बाबा साहेब का बनाया संविधान इतना कमजोर है?’
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के तहत बनाई गई सभी संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान इतना कमजोर है कि उसके तहत बनी संवैधानिक संस्थाएं खत्म हो जाएं या उनके खत्म होने की स्थिति पैदा हो जाए।
SIR पर चुनाव आयोग के फैसले का किया बचाव
SIR को लेकर चल रहे विवाद पर फडणवीस ने कहा कि जिस रिपोर्ट के बाद यह विवाद शुरू हुआ, उसमें पर्याप्त सबूत नहीं थे। उन्होंने चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों की ओर से शनिवार को जारी स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े फैसले सामूहिक रूप से और सर्वसम्मति से लिए गए थे। चुनाव आयोग ने भी 26 सितंबर को कहा था कि SIR के आदेशों और इससे जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों को तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी मिली थी। आयोग के मुताबिक, कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत फैसले से जुड़ा नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।
हालांकि, इससे पहले द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता डेटा के प्रबंधन, नए मतदाताओं के पंजीकरण और कुछ नामों को हटाने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था।
‘BLA के जरिए आपत्ति दर्ज करा सकती हैं पार्टियां’
फडणवीस ने कहा कि SIR प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों को हिस्सा लेने का अवसर दिया गया है। उनके मुताबिक, प्रत्येक पार्टी हर बूथ पर अपना बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त कर सकती है और मतदाता सूची के किसी भी नाम या पेज को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकती है। उन्होंने विपक्षी दलों पर प्रक्रिया में हिस्सा लेने के बजाय विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने कहा कि अगर किसी योग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो संबंधित प्रक्रिया के तहत उस पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
‘वोट चोरी नहीं, राहुल गांधी का दिमाग चोरी हुआ है’
राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप पर फडणवीस ने व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वोट चोरी नहीं हुई है, राहुल गांधी का दिमाग चोरी हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मजाकिया अंदाज में ऐसी समिति बनाने की बात कही जो राहुल गांधी का “दिमाग ढूंढकर वापस” ला सके, ताकि वह देशहित और सही तथ्यों पर बात कर सकें। फडणवीस ने राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयानों का भी जिक्र किया और उन पर बार-बार गलत दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर राहुल गांधी के सवाल उठाने तथा चीन सीमा पर भारतीय सैनिकों को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया।
‘SIR से BJP विरोधी वोट हटे तो TMC कैसे जीती?’
पश्चिम बंगाल चुनावों का जिक्र करते हुए फडणवीस ने विपक्ष के SIR संबंधी दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में SIR के दौरान बड़ी संख्या में वोट कम हुए, उनमें कम से कम 15 ऐसे क्षेत्र थे जहां TMC उम्मीदवार जीतने में सफल रहे। उन्होंने सवाल किया कि अगर SIR के जरिए BJP विरोधी वोट हटाए गए थे, तो उन इलाकों में TMC कैसे जीत गई।

