सिंगरौली के बैढ़न में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े हुई 10 करोड़ के सोने और 20 लाख कैश की सनसनीखेज डकैती के 24 घंटे के भीतर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डकैती में शामिल एक आरोपी को बिहार के रोहतास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी कमलेश कुमार को डेहरी में सिंगरौली-पटना एक्सप्रेस से पकड़ा गया। उससे 15.22 लाख रुपए नकद और 61.77 ग्राम सोना (करीब 9 लाख रुपए) बरामद किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल वारदात के बाद पूरा पुलिस महकमा अलर्ट मोड में आ गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल डीजीपी कैलाश मकवाणा को मौके पर भेजा। डीजीपी स्टेट हेलीकॉप्टर से रीवा पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से बैढ़न पहुंचकर शुक्रवार रात 10:20 बजे बैंक में जांच की। सीएम देर रात 12 बजे तक कार्रवाई की मॉनिटरिंग करते रहे। डकैती के बाद आरोपी अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले थे। डीजीपी ने छग, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के डीजीपी से संपर्क कर मल्टी-स्टेट घेराबंदी कराई। सीसीटीवी फुटेज से मिले इनपुट के आधार पर रेल सुरक्षा बल को अलर्ट किया गया। इस पर आरपीएफ ने ट्रेन में कमलेश को पकड़ा। उसके बैग की तलाशी में नोटों के बंडल मिले। पूछताछ में उसने सिंगरौली बैंक डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली। डीजीपी ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी व इनकी सूचना देने पर 50 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की है। चार बदमाशों पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित दोपहर 12:50 बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 5 हथियारबंद डकैत घुसे। 20 मिनट में 20 लाख कैश और 10 करोड़ का सोना लूटकर फरार।
दोपहर 3:00 बजे : सीएम मोहन यादव को भोपाल स्टेट हैंगर पर घटना की जानकारी दी गई। उन्होंने तुरंत डीजीपी को हेलीकॉप्टर से मौके पर भेजने के निर्देश दिए।
शाम 5 बजे : डीजीपी, एडीजी के साथ हेलीकॉप्टर से रीवा रवाना।
शाम 7 बजे : रीवा पहुंचकर सड़क मार्ग से बैढ़न रवाना।
रात 10:20 बजे : डीजीपी घटनास्थल (बैंक) पहुंचे। बैंक कर्मचारियों व गवाहों से पूछताछ
रात 12 बजे : थाने में हाई-लेवल मीटिंग। आईजी, डीआईजी, एसपी सहित अफसर मौजूद। सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी, टेक्निकल ट्रैकिंग के निर्देश। मप्र पुलिस ने जारी किया था ह्यू एंड क्राई नोटिस
इसमें पुलिस के साथ जीआरपी, आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया जाता है। इसमें आरोपियों के नाम के साथ पहचान भी होती है। जिससे की वह जहां दिखें, उन्हें पकड़ा जा सके। पहले बोले- मां की बीमारी के कारण डकैती की, सख्ती से पूछताछ में कहानी झूठी निकली
पूछताछ में कमलेश ने पहले मां की बीमारी का बहाना बनाकर खुद को बचाने की कोशिश की। भाई से कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात होते ही झूठ सामने आ गया। सख्ती से पूछताछ में उसने बैंक डकैती में शामिल होना कबूल कर लिया। उसके खिलाफ नालंदा और हिलसा में लूट के दो मामले दर्ज हैं। वह दो बार जेल जा चुका है। लूट के रुपए से खरीदा आईफोन, उसी से पकड़ा गया
आरोपी लूट के पैसों से छत्तीसगढ़-झारखंड के सीमांत इलाके में किसी जगह मोबाइल दुकान से आईफोन खरीदने पहुंच गया। दुकान में लगे सीसीटीवी में उसकी तस्वीरें कैद हुईं। सूचना मिलने के बाद पुलिस जब तक दुकान पर पहुंची, तब तक आरोपी निकल चुका था। वहां से वह ट्रेन पकड़ने रेलवे स्टेशन गढ़वा (झारखंड) पहुंचा।


