मुगल बादशाह शाहजहां का 3 दिवसीय उर्स गुरुवार दोपहर 2 बजे से ताजमहल में शुरू हो रहा है। इसके साथ ही शाहजहां-मुमताज की असली कब्र देख सकेंगे। टूरिस्ट के लिए एंट्री फ्री रहेगी। उर्स के दौरान दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक ताजमहल में कब्बाली गूंजेगी। कब्रों पर देश में खुशहाली के लिए दुआ मांगी जाएगी। आखिरी दिन यानि 17 जनवरी को चारदपोशी होंगी। जिसमें एक सतरंगी चादर 1720 मीटर लंबी चढ़ाई जाएगी। गुरुवार दोपहर 2 बजे के बाद गुसल की रस्म (कब्रों पर चंदन का लेप) के साथ शाहजहां का 371वां उर्स शुरू होगा। इसके साथ ही ताजमहल में टूरिस्ट की एंट्री फ्री हो जाएगी। इससे पहले ताजमहल का दीदार करने आने वाले टूरिस्ट को टिकट लेनी होगी। पर्यटकों को फ्री एंट्री
15 व 16 जनवरी को दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक और 17 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक ताजमहल में फ्री एंट्री रहेगी। ताजमहल में साप्ताहिक बंदी शुक्रवार को रहती है। शुक्रवार को केवल स्थानीय नमाजियों को प्रवेश मिलता है। ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि शुक्रवार को नमाज होने के बाद दोपहर 2 बजे से टूरिस्ट व जायरीनों को स्मारक में प्रवेश दिया जाएगा। उर्स में मुख्य मकबरे पर भी निश्शुल्क प्रवेश मिलेगा। मुख्य मकबरे पर भीड़ प्रबंधन के लिए एएसआइ ने 10 दिसंबर, 2018 को 200 रुपये का अतिरिक्त प्रवेश शुल्क लागू किया था। असली कब्र देखने का मौका
उर्स में तहखाना में स्थित शाहजहां व मुमताज की कब्रों को टूरिस्ट देख सकेंगे। यह कब्रें केवल उर्स में ही 3 दिन के लिए खोली जाती हैं। उर्स में पहले व दूसरे दिन दोपहर 2 बजे से और तीसरे दिन सुबह से शाम तक जायरीनों व टूरिस्ट को एंट्री फ्री मिलेगी। इसका आदेश भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के आगरा सर्किल ने जारी कर दिया है। खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी द्वारा चढ़ाई जाती है सतरंगी चादर
कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि चादर तैयार कराई जा रही है। इस बार 1720 मीटर लंबी चादर चढ़ाई जाएगी, जो विगत वर्ष से 80 मीटर लंबी है।
ये होंगे कार्यक्रम


