Ghaziabad Police Encounter: गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में EX मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले के दूसरे आरोपी गुलफाम को ढेर कर दिया गया। कार्रवाई एडिशनल डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह के नेतृत्व में स्वाट टीम ने की। पुलिस के अनुसार, गुलफाम पर पहले से ही गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे और वह फरार चल रहा था। पिछले 48 घंटे में दोनों सगे भाइयों का एनकाउंटर होने से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है।
एक लाख का इनामी था जीशान, पहले मुठभेड़ में हुआ था ढेर
इससे पहले 1 मार्च की रात मुख्य आरोपी जीशान को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। जीशान पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। उस मुठभेड़ के दौरान लोनी थाना प्रभारी बाल-बाल बचे थे, उनकी बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी थी। दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों भाई मिलकर सलीम पर हमले की साजिश में शामिल थे।
ऑफिस में घुसकर दिनदहाड़े 14 चाकू मारे
घटना 27 फरवरी की रात की है, जब नकाबपोश हमलावर बिना नंबर प्लेट की बाइक से सलीम वास्तिक के ऑफिस पहुंचे। अंदर घुसते ही उन्होंने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। सलीम के शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में कुल 14 गहरे घाव मिले। हमलावरों ने गला रेतने की भी कोशिश की। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। गंभीर हालत में सलीम को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर किया गया, जहां उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
बेटे की तहरीर पर 7 लोगों के खिलाफ केस
सलीम के बेटे उस्मान की शिकायत पर पुलिस ने AIMIM से जुड़े एक स्थानीय नेता समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और अजगर नामक व्यक्ति को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर सलीम की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
धर्म परिवर्तन और वीडियो कंटेंट बना विवाद की वजह
सलीम वास्तिक खुद को पूर्व-मुस्लिम बताते हैं और अपने यूट्यूब चैनल ‘सलीम वास्तिक 0007’ पर इस्लाम, मदरसों की शिक्षा और धार्मिक विचारधाराओं पर सवाल उठाते रहे हैं। चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर और 22 लाख से अधिक व्यूज हैं। हमले से ठीक एक दिन पहले 26 फरवरी को उन्होंने “नास्तिक होना क्या है?” विषय पर वीडियो अपलोड किया था। तीन हफ्ते पहले उन्होंने दावा किया था कि उनका फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया, जहां उनके करीब 3.5 लाख फॉलोवर थे।
सीएम योगी और सांसद की प्रतिक्रिया से मामला गरमाया
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त बयान देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और प्रदेश में आतंक की कोई जगह नहीं है। सांसद मनोज तिवारी भी अस्पताल पहुंचकर सलीम का हालचाल लिया। वहीं महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि के अस्पताल जाने की सूचना पर पुलिस ने उन्हें एहतियातन हाउस अरेस्ट कर लिया था।
लोनी में दहशत, सुरक्षा बढ़ाई गई
लोनी के अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाले 50 वर्षीय सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक के दो मकान हैं एक में उनका ऑफिस और दूसरे में परिवार रहता है। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस का दावा है कि दोनों मुख्य आरोपियों के मारे जाने के बाद अब कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन बाकी साजिशकर्ताओं को पकड़ने के लिए दबिश जारी है।


