खतियानी जमीन पर बालू माफिया कर रहे अवैध खनन:जमुई में पीड़ित ने खनन पदाधिकारी से की शिकायत, लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग

खतियानी जमीन पर बालू माफिया कर रहे अवैध खनन:जमुई में पीड़ित ने खनन पदाधिकारी से की शिकायत, लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग

जमुई के मलयपुर थाना क्षेत्र के कटौना गांव निवासी योगेन्द्र पंडित ने अपनी खतियानी जमीन पर अवैध बालू खनन का आरोप लगाया है। उन्होंने खनन पदाधिकारी से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पंडित का आरोप है कि बालू माफिया और बिचौलियों द्वारा रात के अंधेरे में उनकी निजी जमीन से चोरी-छिपे बालू निकाला जा रहा है, जिससे उनकी पारिवारिक जमीन को भारी नुकसान हो रहा है। परदादा के नाम पर दर्ज है जमीन योगेन्द्र पंडित के अनुसार, यह जमीन उनके परदादा विजो पंडित के नाम पर दर्ज है और इसकी राजस्व रसीदें आज भी उन्हीं के नाम से कट रही हैं। संबंधित जमीन का खाता संख्या 85, खेसरा संख्या 334 और कुल रकबा 1.20 एकड़ है। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर उनके परिवार का दखल-कब्जा और मालिकाना हक है। शिकायत में कहा गया है कि खनन में शामिल लोग देर रात मशीनों और ट्रैक्टरों का उपयोग कर बालू निकालते हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण जमीन का मूल स्वरूप बदलता जा रहा है। ग्रामीणों में भी इस अवैध खनन को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग योगेन्द्र पंडित ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अवैध खनन में लिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय बालू माफिया प्रशासनिक निगरानी की कमी का फायदा उठाकर लगातार अवैध खनन कर रहे हैं। इस मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। जमुई के मलयपुर थाना क्षेत्र के कटौना गांव निवासी योगेन्द्र पंडित ने अपनी खतियानी जमीन पर अवैध बालू खनन का आरोप लगाया है। उन्होंने खनन पदाधिकारी से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पंडित का आरोप है कि बालू माफिया और बिचौलियों द्वारा रात के अंधेरे में उनकी निजी जमीन से चोरी-छिपे बालू निकाला जा रहा है, जिससे उनकी पारिवारिक जमीन को भारी नुकसान हो रहा है। परदादा के नाम पर दर्ज है जमीन योगेन्द्र पंडित के अनुसार, यह जमीन उनके परदादा विजो पंडित के नाम पर दर्ज है और इसकी राजस्व रसीदें आज भी उन्हीं के नाम से कट रही हैं। संबंधित जमीन का खाता संख्या 85, खेसरा संख्या 334 और कुल रकबा 1.20 एकड़ है। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर उनके परिवार का दखल-कब्जा और मालिकाना हक है। शिकायत में कहा गया है कि खनन में शामिल लोग देर रात मशीनों और ट्रैक्टरों का उपयोग कर बालू निकालते हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण जमीन का मूल स्वरूप बदलता जा रहा है। ग्रामीणों में भी इस अवैध खनन को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग योगेन्द्र पंडित ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अवैध खनन में लिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय बालू माफिया प्रशासनिक निगरानी की कमी का फायदा उठाकर लगातार अवैध खनन कर रहे हैं। इस मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।  

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