भास्कर न्यूज | पटना उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना में गंगा नदी के किनारे मरीन ड्राइव पर अगले तीन महीने में एक लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। राज्य में विकास कार्यों के कारण जहां भी पेड़ कटते हैं, बदले में दूसरी जगह उससे ज्यादा पौधे लगाए जाते हैं। डिप्टी सीएम शनिवार को एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। “मानव-वन्यजीव : द्वंद्व से सह-अस्तित्व की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के कार्यों और योजनाओं को बताया। सम्राट ने कहा कि मरीन ड्राइव के पास विश्व स्तर का बड़ा एक्वेरियम बनाने की योजना पर काम चल रहा है। पटना में अब वाटर मेट्रो भी जल्द शुरू होगी। कार्यक्रम में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह, आरा से सांसद सुदामा प्रसाद, पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रभात कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अभय कुमार मौजूद रहे। ग्रीन बेल्ट 9% बढ़ा सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पर्यावरण को लेकर बहुत काम हुए हैं। राज्य बंटवारे के समय मात्र 6 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट था, जोकि अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। वाल्मीकिनगर में करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से लव-कुश पार्क बनाने का काम सरकार कर रही है। वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मानव और वन्य जीवों के बीच संघर्ष बढ़ा है। इसकी वजह वन्य जीवों का आवास नष्ट होना है। वन्य जीवों के कॉरिडोर का संरक्षण जरूरी है इसके लिए जनभागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए। पर्यावरण मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि पटना-डोभी ग्रीन कॉरिडोर में पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन जैसे देसी पौधे लगाए जाएंगे। हमें विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है। सांसद सुनील कुमार ने कहा कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए मानव और वन्यजीव दोनों जरूरी हैं। वन्य जीवों के सह-अस्तित्व से छेड़छाड़ ठीक नहीं है। मुखिया ने कहा- पौधे ही नहीं मिल रहे धना मुभाकपुर के मुखिया गोपाल कुमार ने कहा कि नहर, नदी और जमीन भी उपलब्ध है। लेकिन, पौधे नहीं मिल रहे हैं। 2024 में वन विभाग को आवेदन दिया था। दुल्हिन बाजार के मुखिया नौशाद ने कहा कि पंचायत में जगह है, लेकिन पौधे उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। जीविका और मनरेगा के तहत लगाए गए 80 फीसदी पौधे बर्बाद हो गया है। भास्कर न्यूज | पटना उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना में गंगा नदी के किनारे मरीन ड्राइव पर अगले तीन महीने में एक लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। राज्य में विकास कार्यों के कारण जहां भी पेड़ कटते हैं, बदले में दूसरी जगह उससे ज्यादा पौधे लगाए जाते हैं। डिप्टी सीएम शनिवार को एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। “मानव-वन्यजीव : द्वंद्व से सह-अस्तित्व की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के कार्यों और योजनाओं को बताया। सम्राट ने कहा कि मरीन ड्राइव के पास विश्व स्तर का बड़ा एक्वेरियम बनाने की योजना पर काम चल रहा है। पटना में अब वाटर मेट्रो भी जल्द शुरू होगी। कार्यक्रम में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह, आरा से सांसद सुदामा प्रसाद, पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रभात कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अभय कुमार मौजूद रहे। ग्रीन बेल्ट 9% बढ़ा सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पर्यावरण को लेकर बहुत काम हुए हैं। राज्य बंटवारे के समय मात्र 6 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट था, जोकि अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। वाल्मीकिनगर में करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से लव-कुश पार्क बनाने का काम सरकार कर रही है। वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मानव और वन्य जीवों के बीच संघर्ष बढ़ा है। इसकी वजह वन्य जीवों का आवास नष्ट होना है। वन्य जीवों के कॉरिडोर का संरक्षण जरूरी है इसके लिए जनभागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए। पर्यावरण मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि पटना-डोभी ग्रीन कॉरिडोर में पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन जैसे देसी पौधे लगाए जाएंगे। हमें विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है। सांसद सुनील कुमार ने कहा कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए मानव और वन्यजीव दोनों जरूरी हैं। वन्य जीवों के सह-अस्तित्व से छेड़छाड़ ठीक नहीं है। मुखिया ने कहा- पौधे ही नहीं मिल रहे धना मुभाकपुर के मुखिया गोपाल कुमार ने कहा कि नहर, नदी और जमीन भी उपलब्ध है। लेकिन, पौधे नहीं मिल रहे हैं। 2024 में वन विभाग को आवेदन दिया था। दुल्हिन बाजार के मुखिया नौशाद ने कहा कि पंचायत में जगह है, लेकिन पौधे उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। जीविका और मनरेगा के तहत लगाए गए 80 फीसदी पौधे बर्बाद हो गया है।


