रणजीत सागर बांध परियोजना की 7,750 एकड़ में फैली विशाल झील में मछली पकड़ने का ठेका कई बार टेंडर रद्द होने के बाद आखिरकार 9 महीने बाद तय हो गया है। बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) के रहने वाले मोहम्मद आफताब ने 92 लाख 60 हजार रुपए की सबसे ऊंची बोली लगाकर एक वर्ष के लिए यह ठेका हासिल कर लिया है। विभाग ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू करवा दिया है। जल स्रोत विभाग के हाइड्रोलिक व रेगुलेशन मंडल के एक्सईएन गगनदीप सिंह ने बताया कि पिछला ठेका 26 नवंबर 2025 को पूरा हो गया था। इसके बाद विभाग ने पहली बार 1 दिसंबर को ऑनलाइन बिड आमंत्रित की थी। 1.41 करोड़ रिजर्व प्राइस देखकर भागे ठेकेदार: शुरुआत में विभाग ने रिजर्व प्राइस 1 करोड़ 41 लाख रुपए रखी थी। इतनी अधिक राशि होने के कारण 9 महीने तक कई बार टेंडर निकाले गए, लेकिन कोई भी ठेकेदार बोली लगाने को तैयार नहीं हुआ। हर बार प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा। रेट घटाते ही आईं 3 ऑनलाइन बिड्स: लगातार टेंडर फ्लॉप होने पर विभाग को विवश होकर अपनी रिजर्व प्राइस घटानी पड़ी। विभाग ने रेट कम करके 92 लाख 50 हजार रुपए तय किए। इसके बाद 3 ठेकेदारों ने ऑनलाइन बिड भरी, जिसमें मोहम्मद आफताब की 92.60 लाख रुपए की उच्चतम बोली मंजूर की गई। चोरी रोकने के लिए मिलेगा पुलिस का सहयोग, झील में जलस्तर भी बेहतर विभाग ने ठेकेदार को झील से मछली की चोरी रोकने के लिए पूरा सहयोग देने और स्थानीय गांवों की सुरक्षा संबंधी पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया है ताकि कोई बाहरी दबाव न बना सके। उधर, बांध प्रशासन का कहना है कि इस बार झील में पानी का स्तर बहुत अच्छा है। झील में नई नस्ल के मछली के बीज (पोंग) डाले गए हैं, जिससे इस बार बहुत ही अच्छी किस्म की मछली पैदा हो रही है।

