रोहतक में बाल कल्याण समिति की तरफ से शहर में बाल मजदूरी करते हुए 3 नाबालिग बच्चों को दुकानों से रेस्क्यू किया। CWC टीम ने कच्चा बेरी रोड व पुराना बस स्टैंड के पास से मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और बच्चों के अभिभावकों को चेतावनी भी दी। बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि टीम ने छापेमारी के दौरान 2 बच्चों को कच्चा बेरी रोड पर बिजली की दुकान से और 1 बच्चे को पुराना बस स्टैंड के पास कोल्ड ड्रिंक की दुकान से रेस्क्यू किया। तीनों बच्चों की आयु लगभग 15, 16 वर्ष पाई गई। टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों बच्चों को मौके से सुरक्षित रेस्क्यू किया। नाबालिग बच्चों में एक यूपी व दो रोहतक के रहने वाले
चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि जांच में सामने आया कि तीनों बच्चों की आयु लगभग 15- 16 वर्ष है। इनमें एक बच्चा उत्तर प्रदेश व 2 बच्चे रोहतक के रहने वाले है। चेयरमैन ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में बच्चों से मजदूरी न करवाए। दोबारा ऐसा करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग बच्चों को दुकानों पर रोजगार न दें दुकानदार
चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने दुकान मालिकों को सख्त निर्देश दिए कि वे नाबालिग बच्चों को रोजगार पर न रखें। नियमों की अवहेलना करने पर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी। बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 15 मई को 4 बच्चे करवाए थे मुक्त
बाल कल्याण समिति की तरफ से 15 मई को भी छापेमारी करते हुए 4 नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी करते हुए रेस्क्यू किया था। टीम ने जींद रोड से चारों बच्चों को रेस्क्यू करते हुए अभिभावकों के हवाले किया और चेतावनी दी कि दोबारा बाल मजदूरी करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


