मैनपुरी के ग्राम रतिभानपुर में इटावा-मैनपुरी रेललाइन का निर्माण किसानों के लिए समस्या बन गया है। इस रेललाइन के कारण गांव की कृषि भूमि तक जाने वाला एकमात्र रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इससे सैकड़ों किसान अपने खेतों तक पहुंचने में असमर्थ हैं, जिससे फसलें प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, रेलवे लाइन बनने के बाद से किसान अस्थायी रूप से रेलवे ट्रैक पार कर ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों से खेतों तक जाते थे। यह मार्ग असुरक्षित था, लेकिन कोई वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण किसान इसी जोखिम भरे मार्ग का उपयोग करने को मजबूर थे। ग्रामीणों ने बताया कि 3 फरवरी 2026 को रेलवे विभाग ने जेसीबी मशीन से उस अस्थायी मार्ग को भी बंद कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, गांव की लगभग 80 प्रतिशत कृषि भूमि का संपर्क टूट गया है। किसानों का कहना है कि अब खेतों में ट्रैक्टर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे सिंचाई और फसल कटाई जैसे आवश्यक कार्य रुक गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, रेलवे अंडरपास का विकल्प दे सकता है, लेकिन क्षेत्र में बने पुराने अंडरपासों में सालभर जलभराव रहता है, जो किसानों के लिए अव्यावहारिक है। इसलिए किसानों ने सर्विस रोड को ही एकमात्र प्रभावी समाधान बताया है। ग्रामीणों का सुझाव है कि गांव से लगभग 700 से 800 मीटर दूर नगला अति जाने वाले मार्ग पर एक रेलवे क्रॉसिंग है। यदि रेलवे लाइन के किनारे सर्विस रोड का निर्माण किया जाए, तो किसान उस क्रॉसिंग से होकर आसानी से अपने खेतों तक पहुंच सकेंगे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए रेलवे अधिकारियों को तत्काल सर्विस रोड निर्माण के निर्देश दें, ताकि किसानों की खेती और आजीविका सुरक्षित रह सके।


