गणतंत्र दिवस स्पेशल: फिल्मों में वीरता का जलवा दिखाने वाले कई सितारों की असल जिंदगी भी किसी फिल्म से कम नहीं रही। गणतंत्र दिवस के इस खास मौके पर हम आपको उन कलाकारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी देशभक्ति केवल पर्दे तक सीमित नहीं थी। ये वे चेहरे हैं जिन्होंने कैमरे के सामने हीरो बनकर लाखों दिल जीते, लेकिन उससे पहले असल जिंदगी में वर्दी पहनकर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई।
भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और ऐसे में इन रियल-लाइफ हीरोज की कहानी याद करना जरूरी भी है और गर्व का विषय भी। सेना में सेवा दे चुके ये कलाकार दिखाते हैं कि देशप्रेम सिर्फ डायलॉग्स से नहीं, कर्मों से साबित होता है। तो आइए, जानते हैं उन सितारों के बारे में जिन्होंने पर्दे से पहले देश की सरहदों पर अपना फर्ज निभाया।
रहमान

हिंदी सिनेमा के गोल्डन दौर के मशहूर अभिनेता रहमान ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले एयरफोर्स की वर्दी पहनी थी। 1940 के दशक में वह रॉयल इंडियन एयर फोर्स में पायलट बनने की ट्रेनिंग ले रहे थे। बाद में उन्होंने फिल्मों का रास्ता चुना और प्यार की जीत, बड़ी बहन और वक्त जैसी यादगार फिल्मों में नजर आए।
रुद्राशीष मजूमदार

रुद्राशीष मजूमदार असल जिंदगी में भारतीय सेना के मेजर रह चुके हैं। करीब सात साल तक सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने एक्टिंग की दुनिया की ओर कदम बढ़ाया और अपनी मेहनत से बॉलीवुड में पहचान बनाई। ‘छिछोरे’, ‘जर्सी’ और ‘मिसेज अंडरकवर’ में रुद्राशीष मजूमदार नजर आ चुके हैं।
नाना पाटेकर

नाना पाटेकर स्क्रीन पर जिस तरह जोश भरते हैं, वैसा ही देश के लिए भी किया। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय सेना में योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें ‘मानद कैप्टन’ और बाद में ‘मानद लेफ्टिनेंट कर्नल’ की रैंक मिली। क्रांतिवीर जैसी फिल्मों में दिखने वाली देशभक्ति उनकी असल शख्सियत को भी दर्शाती है।
गुफी पेंटल

टीवी के सबसे यादगार विलन ‘शकुनि मामा’ यानी गुफी पेंटल ने भी देश की सेवा की है। एक्टिंग शुरू करने से पहले उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध के समय भारतीय सेना में जवान के रूप में बर्फीली सीमाओं पर ड्यूटी की। बाद में टीवी और फिल्मों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
बिक्रमजीत कंवरपाल

मेजर बिक्रमजीत कंवरपाल ने लगभग दो दशक सेना में बिताए। 2002 में रिटायर होने के बाद उन्होंने एक्टिंग शुरू की और पवित्र रिश्ता, कुमकुम भाग्य से लेकर 2 स्टेट्स तक कई टीवी शोज और फिल्मों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई।
प्रवीण कुमार सोबती

महाभारत के ‘भीम’ के नाम से पहचाने जाने वाले प्रवीण कुमार सोबती सिर्फ ऑन-स्क्रीन ही नहीं, बल्कि ऑफ-स्क्रीन भी शक्ति और बहादुरी के प्रतीक थे। वे BSF में डिप्टी कमांडेंट रहे और साथ ही देश के लिए एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल भी जीते।
अच्युत पोद्दार

‘3-इडियट्स’ के मजेदार प्रोफेसर को कौन भूल सकता है? लेकिन कम लोग जानते हैं कि अच्युत पोद्दार सेना में कैप्टन रह चुके थे। 1962 से 1967 तक उन्होंने फौज में सेवा दी और फिर एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। 125 से ज्यादा फिल्मों में नजर आने वाले अच्युत जी का सफर वाकई प्रेरणादायक है।


