औरंगाबाद के तेलहारा बिगहा निवासी राजीव कुमार ने अपनी मेहनत, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से जिले का नाम रोशन किया है। गयाजी जिले के चंदौती में आयोजित तीन दिवसीय प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता में राजीव कुमार को उत्कृष्ट किसानी के लिए सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के बाद न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। इस भव्य प्रदर्शनी में मगध प्रमंडल के विभिन्न जिलों से हजारों किसानों ने भाग लिया था। किसान अपनी-अपनी उन्नत उपज, नकदी फसलों और कृषि नवाचारों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना और नवाचार करने वाले किसानों को सम्मानित करना था।
बेहतर खेती के लिए किए मिला सम्मान प्रतियोगिता में राजीव कुमार ने करेला, चेरी, टमाटर, केला और लेमनग्रास की खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा टमाटर की खेती में उन्हें द्वितीय, बेर और मशरूम उत्पादन में तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। आयोजकों की ओर से उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप कुल 10 हजार 500 रुपए की राशि देने की घोषणा भी की गई है। उनके इस शानदार प्रदर्शन की काफी सराहना की जा रही है। राजीव कुमार वर्तमान में ढिबरा थाना क्षेत्र के बनुआ खैरा गांव में लगभग 25 बीघा भूमि पर सब्जियों और नकदी फसलों की खेती कर रहे हैं। वे परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग कर खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। सिंचाई, फसल चक्र और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर वे फसलों का चयन करते हैं, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन और उचित मूल्य मिल रहा है। हार मानने के बजाय सीख ली पिछले वर्ष राजीव कुमार ने पहली बार जुकनी की खेती का प्रयोग किया था। उस समय वे जिले के एकमात्र किसान थे जिन्होंने यह नई पहल की। हालांकि मौसम और बाजार की परिस्थितियों के कारण फसल अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय इससे सीख ली। अनुभव के आधार पर वे लगातार नए विकल्पों और तकनीकों पर काम कर रहे हैं, ताकि खेती को और अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाया जा सके। राजीव कुमार का कहना है कि जल्द ही विभिन्न फसलों की उन्नत खेती को लेकर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने बाहर जाएंगे। उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी आय बढ़ाना नहीं, बल्कि अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आमदनी में इजाफा करना है। इस उपलब्धि से माता-पिता के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि राजीव कुमार आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो यह साबित कर रहे हैं कि आधुनिक सोच, तकनीक और मेहनत के बल पर खेती को भी सम्मान और सफलता का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है। औरंगाबाद के तेलहारा बिगहा निवासी राजीव कुमार ने अपनी मेहनत, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से जिले का नाम रोशन किया है। गयाजी जिले के चंदौती में आयोजित तीन दिवसीय प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता में राजीव कुमार को उत्कृष्ट किसानी के लिए सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के बाद न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। इस भव्य प्रदर्शनी में मगध प्रमंडल के विभिन्न जिलों से हजारों किसानों ने भाग लिया था। किसान अपनी-अपनी उन्नत उपज, नकदी फसलों और कृषि नवाचारों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना और नवाचार करने वाले किसानों को सम्मानित करना था।
बेहतर खेती के लिए किए मिला सम्मान प्रतियोगिता में राजीव कुमार ने करेला, चेरी, टमाटर, केला और लेमनग्रास की खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा टमाटर की खेती में उन्हें द्वितीय, बेर और मशरूम उत्पादन में तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। आयोजकों की ओर से उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप कुल 10 हजार 500 रुपए की राशि देने की घोषणा भी की गई है। उनके इस शानदार प्रदर्शन की काफी सराहना की जा रही है। राजीव कुमार वर्तमान में ढिबरा थाना क्षेत्र के बनुआ खैरा गांव में लगभग 25 बीघा भूमि पर सब्जियों और नकदी फसलों की खेती कर रहे हैं। वे परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग कर खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। सिंचाई, फसल चक्र और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर वे फसलों का चयन करते हैं, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन और उचित मूल्य मिल रहा है। हार मानने के बजाय सीख ली पिछले वर्ष राजीव कुमार ने पहली बार जुकनी की खेती का प्रयोग किया था। उस समय वे जिले के एकमात्र किसान थे जिन्होंने यह नई पहल की। हालांकि मौसम और बाजार की परिस्थितियों के कारण फसल अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय इससे सीख ली। अनुभव के आधार पर वे लगातार नए विकल्पों और तकनीकों पर काम कर रहे हैं, ताकि खेती को और अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाया जा सके। राजीव कुमार का कहना है कि जल्द ही विभिन्न फसलों की उन्नत खेती को लेकर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने बाहर जाएंगे। उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी आय बढ़ाना नहीं, बल्कि अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आमदनी में इजाफा करना है। इस उपलब्धि से माता-पिता के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि राजीव कुमार आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो यह साबित कर रहे हैं कि आधुनिक सोच, तकनीक और मेहनत के बल पर खेती को भी सम्मान और सफलता का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है।


