तिरुवनंतपुरम, आठ अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरलम इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री वी डी सतीशन पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद आर सुगाथन के खिलाफ कार्रवाई के जरिए कानून और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है और वह ‘‘लोकतंत्र को लेकर फर्जी विरोध प्रदर्शनों’’ के जरिए केरल के लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जा रहे विरोध प्रदर्शन को भी ‘‘फर्जी नाटक’’ करार दिया। चंद्रशेखर ने यह टिप्पणी सतीशन के दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होने और प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की आलोचना करने वाली उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ‘एक्स’ पर की।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा था कि चुनावी प्रक्रिया की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाने को लेकर गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी ‘‘लोकतांत्रिक असहमति पर हमला’’ है। उन्होंने यह भी कहा था, ‘‘मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के खिलाफ और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ाई जारी है। लोकतंत्र को दबाया नहीं जा सकता।’’
मुख्यमंत्री के बयान का जवाब देते हुए चंद्रशेखर ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, अपना समय बर्बाद न करें और लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता तथा संविधान को लेकर अपने फर्जी विरोध प्रदर्शनों के जरिए मलयालियों का ध्यान भटकाने की कोशिश न करें।
आपके प्रशासन पर कानून, न्याय और मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आरोप हैं।’’
नेमोम से भाजपा विधायक चंद्रशेखर का इशारा भाजपा पार्षद सुगाथन की ऐहतियातन हिरासत की ओर था, जिन्हें हाल में केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद रिहा किया गया था। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि सुगाथन की हिरासत ‘‘पिनराई विजयन और वी डी सतीशन सरकारों की सोची-समझी और सुनियोजित आपराधिक साजिश’’ थी, जिसमें उन्होंने केरल असामाजिक गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (केएएपीए) के सलाहकार बोर्ड, एक जिलाधिकाराी और पुलिस का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब राहुल गांधी दिल्ली में अपना फर्जी नाटक कर रहे हैं, वहीं केरल में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पार्षद सुगाथन के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का वास्तविक मामला है, जिसके लिए जवाबदेही तय किए जाने की जरूरत है।’’
इन आरोपों और दावों पर मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

