PM-UShA Rajasthan Scheme: राजस्थान के सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की सूरत जल्द ही बदली हुई नजर आएगी। राजस्थान सरकार कई बड़ी योजनाएं और हाईटेक सुविधाएं लेकर बच्चों के भविष्य को संवारने में जुट गई है। प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान (PM-UShA Rajasthan Scheme ) के तहत प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर करने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए का बजट बनाया है। इस बजट के तहत जितने काम प्लान किए गए हैं उनमें से करीब सत्तर फीसदी से ज्यादा पूरे कर लिए गए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में पूरी जानकारी साझा की है।
611 करोड़ का बजट, 130 में से 106 काम पूरे
सचिवालय में हुई इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा… कुलदीप रांका ने पूरी जानकारी दी और बताया कि प्रदेश के 5 विश्वविद्यालयों और 116 कॉलेजों में कुल 130 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई थी। इनकी कुल लागत 611 करोड़ रुपये है। राहत की बात यह है कि इनमें से 106 कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जिन पर करीब 535 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बाकी बचे 24 प्रोजेक्ट्स को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कॉलेज छात्रों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं, मिलेगी पढ़ाई में मदद
सरकार के अफसरों ने बताया कि सरकार चाहती है कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को आधुनिक सुविधाएं मिलें ताकि उन्हें पढ़ाई में मदद मिल सके। वे अपने जीवन में अच्छा कैरियर बना सकें। इस योजना के तहत छात्रों के के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालयों को आधुनिक बनाया गया है। नए भवन बनाने के लिए साथ ही पुराने भवनों की मरम्मत की गई है। रिसर्च और नवाचार को बढ़ाने में मदद करने वाले आधुनिक उपकरण खरीदे गए हैं। आधुनिक पाठ्य सामग्री खरीद करने के लिए भी संस्थानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है ताकि छात्रों की पढ़ाई में बाधा नहीं आए।
34 बड़ी योजनाओं पर काम कर रही सरकार, खर्च होंगे 300 करोड़ से ज्यादा
अधिकारियों ने बताया कि सरकार 34 बड़ी योजनाओं पर भी काम कर रही है ताकि उच्च शिक्षण में किसी तरह की कोई कमी नहीं रहे। इन योजनाओं को पूरा करने में तीन सौ तीस करोड़ से भी ज्यादा का खर्च होना है। इसके लिए केंद्र सरकार से भी कुछ बजट मांगा गया है जो कि जल्द ही मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार अपने स्तर पर अभी तक इन योजनाओं पर करीब 90 करोड़ खर्च कर चुकी है। ये याजनाएं 4 राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों और 30 राजकीय महाविद्यालयों के लिए हैं।


