राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राज्य में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट को रवाना किया। उन्होंने इन यूनिट में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को निश्चित मासिक यात्रा भत्ता देने की भी घोषणा की। शर्मा ने यहां संविधान क्लब में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि यह भत्ता थानों और चौकियों में तैनात कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और सहायक उपनिरीक्षकों को दिए जाने वाले यात्रा भत्ते की तर्ज पर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं बल्कि अपराधों की रोकथाम और महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए भयमुक्त आवागमन सुनिश्चित करना भी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वर्ष 2023 की तुलना में 2026 में 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और ऐसे मामलों में जांच का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है। उन्होंने बताया कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की है।
शर्मा ने कहा कि वहीं, 50 लाख से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया है जबकि 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। शर्मा के अनुसार, करीब 16.7 लाख महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ से बचाने के लिए राज्यभर में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को विद्यालयों, कॉलेजों, बाजारों, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और कार्यस्थलों के आसपास नियमित गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की शिकायतों पर उनकी निजता और गरिमा का ध्यान रखते हुए संवेदनशीलता से कार्रवाई की जानी चाहिए। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि अपराध के प्रति सरकार की किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतने की नीति से कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा मजबूत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट में तैनात महिला पुलिसकर्मियों और विभिन्न जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ी महिला सदस्यों से संवाद भी किया।

