Raipur GST Raid: स्टेट जीएसटी ने हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के संचालक इंद्रजीत सिंह को 10 करोड़ रुपए की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है। विभाग ने तलाशी के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर कंपनी से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य और जीएसटी का पूरा ब्योरा मांगा है। अधिकारियों के अनुसार, कंपनी के ठिकानों पर हुई जांच में बोगस बिलिंग, टैक्स चोरी, आय छिपाने और गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने से जुड़े इनपुट मिले हैं। कंपनी से इन सभी लेनदेन का हिसाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।
Raipur GST Action: 11 दिन बाद भी नहीं दिया दस्तावेजी साक्ष्य
स्टेट जीएसटी के अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान ट्रांसपोर्ट कंपनी के ठिकानों पर कई अनियमितताएं सामने आई थीं। इनसे संबंधित दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया गया है। अधिकारियों ने कंपनी के संचालक को अपना पक्ष रखने और दस्तावेजी साक्ष्य के साथ उपस्थित होने का अवसर दिया है। हालांकि, छापेमारी के 11 दिन बाद भी HTC की ओर से अब तक संबंधित दस्तावेज और जीएसटी का पूरा ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया गया है।
24-25 अगस्त को भिलाई और बलौदाबाजार में हुई थी छापेमारी
स्टेट जीएसटी दुर्ग की टीम ने 24 और 25 अगस्त को भिलाई के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित HTC के कार्यालय और बलौदाबाजार स्थित यार्ड में कार्रवाई की थी। तलाशी के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर बोगस बिलिंग, टैक्स चोरी, कच्चे में कारोबार, आय छिपाने के लिए कंपनी को नुकसान में दिखाने और गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने से जुड़े इनपुट मिले थे। अधिकारियों ने जांच के लिए संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अब इनका परीक्षण किया जा रहा है।
पांच साल के रिकॉर्ड की जांच में सामने आई गड़बड़ियां
जीएसटी टीम ने कंपनी के पिछले पांच साल के लेनदेन और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान कई ट्रकों की खरीद और बाद में बिक्री से जुड़े लेनदेन भी जांच के दायरे में आए हैं। अधिकारियों को इन खरीद-फरोख्त में कथित अनियमितता के संकेत मिले हैं। जांच में ऐसे लेनदेन भी सामने आने की बात कही गई है, जिनमें ऐसे मदों में जीएसटी वसूले जाने का संदेह है जहां टैक्स देय नहीं था। वहीं, वसूले गए टैक्स को जमा नहीं करने से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
ब्याज और पेनाल्टी के साथ हो सकती है वसूली
स्टेट जीएसटी अधिकारियों के अनुसार, कंपनी की ओर से दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए जाने के बाद सभी लेनदेन का परीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर वास्तविक टैक्स देनदारी तय की जाएगी। यदि टैक्स चोरी या अन्य अनियमितताएं जांच में साबित होती हैं तो टैक्स के साथ ब्याज और पेनाल्टी की भी वसूली की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि संचालकों को अपना पक्ष रखने के लिए मौका दिया गया है।
170 करोड़ रुपए का टर्नओवर, 1500 ट्रकों का बेड़ा
HTC ट्रांसपोर्ट कंपनी का सालाना टर्नओवर करीब 170 करोड़ रुपए बताया गया है। कंपनी के पास करीब 1500 ट्रक हैं। इनमें लगभग 500 ट्रक कंपनी के खुद के हैं, जबकि करीब 1000 ट्रक अटैच बताए गए हैं। कंपनी के अधिकांश ट्रक भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े परिवहन कार्य और खदानों में संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
तीन फर्मों के दस्तावेजों की भी जांच
जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, टैक्स संबंधी गड़बड़ियों की जांच के दौरान तीन अलग-अलग फर्मों के दस्तावेजों और लेनदेन में घालमेल की जानकारी सामने आई है। कथित अनियमितताओं को छिपाने के लिए अलग-अलग फर्मों में हिसाब-किताब रखने की भी जांच की जा रही है। इसी वजह से जीएसटी की टीम को एक दिन की तलाशी के बाद अगले दिन दोबारा भिलाई और बलौदाबाजार स्थित ठिकानों पर पहुंचकर रिकॉर्ड खंगालना पड़ा।
प्रदेश के बड़े ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में HTC
HTC को प्रदेश की बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियों में शामिल बताया जा रहा है। कंपनी के कारोबार और ट्रकों की संख्या को देखते हुए स्टेट जीएसटी की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही वास्तविक टैक्स देनदारी और कथित अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट होगी।

