Railway News: राजस्थान में 5549 KM रूट पर रेलवे को मिली बड़ी कामयाबी, ट्रेनों की स्पीड बढ़ी-डीजल पर निर्भरता घटी

Railway News: राजस्थान में 5549 KM रूट पर रेलवे को मिली बड़ी कामयाबी, ट्रेनों की स्पीड बढ़ी-डीजल पर निर्भरता घटी

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने विद्युतीकरण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क का करीब 99 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत कर लिया है। इससे अब जोन में इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ने वाली यात्री और मालगाड़ियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ट्रेनों की गति बढ़ने के साथ ही रेलवे की डीजल पर निर्भरता भी कम हुई है। रेलवे का दावा है कि आगामी दो महीने में जोन के सभी रूट पूरी तरह विद्युतीकृत हो जाएंगे, जिससे संचालन और अधिक सुगम हो सकेगा।

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तेजी से चल रहा कार्य

दरअसल, उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक जोन में 5549 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे ट्रेनों के संचालन में गति और दक्षता दोनों में सुधार हुआ है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, केवल 10 रूट किलोमीटर का हिस्सा, अरनिया खुर्द-लालसोट सेक्शन, अभी शेष बचा है।

इसे जून माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूरा होते ही उत्तर पश्चिम रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉड गेज नेटवर्क विद्युत ट्रैक्शन पर आ जाएगा, जो जोन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। रेलवे सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में इलेक्ट्रिक इंजनों की कुछ कमी बनी हुई है, लेकिन जैसे-जैसे यह कमी पूरी होगी, वैसे-वैसे सभी ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित होने लगेंगी। इससे संचालन में और अधिक सुधार आने की संभावना है।

इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ रही 78 फीसदी कोचिंग ट्रेन

रेलवे अधिकारियों के अनुसार विद्युतीकरण का असर ट्रेनों के संचालन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वर्तमान में जोन की करीब 78 प्रतिशत कोचिंग ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित हो रही हैं, जबकि लगभग 61 प्रतिशत मालगाड़ियां भी अब विद्युत ट्रैक्शन पर दौड़ रही हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि ट्रेनों की गति और समयबद्धता में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

इसलिए उपयोगी साबित हो रही

जोन के सीपीआरओ अमित सुदर्शन ने बताया कि विद्युतीकरण से डीजल पर निर्भरता कम होने से ईंधन खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से यह पहल ग्रीन रेलवे के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल जोन को आधुनिक, तेज और पर्यावरण के अनुकूल रेल संचालन की दिशा में आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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